कानपुर से सिलीगुड़ी तक बनेगा राष्ट्रीय राजमार्ग
राष्ट्रीय (एनएचएएआइ) द्वारा कानपुर-कबरई होते हुए भोपाल और पानीपत-शामली-गोरखपुर होते हुए सिलीगुड़ी तक बनाए जाने वाले हाईवे सफर के दौरान एक्सप्रेसवे का अहसास कराएंगे।
दोनों हाईवे पर सफर के दौरान बीच में कोई व्यवधान नहीं आएगा। एक्सप्रेसवे की तर्ज पर ये दोनों हाईवे पूरी तरह एक्सेस कंट्रोल्ड (प्रवेश नियंत्रित) होंगे। सिर्फ निर्धारित प्रवेश और निकास बिंदु से ही वाहन आ-जा सकेंगे।
एनएचएआइ के क्षेत्रीय अधिकारी गौतम विशाल के मुताबिक कानपुर-कबरई तथा पानीपत-गोरखपुर-कुशीनगर तक प्रस्तावित हाईवे पूरी तरह प्रवेश नियंत्रित होंगे। तय स्थान से ही वाहन पर आ-जा सकेंगे। बीच रास्ते में कहीं से कोई वाहन या जानवर हाईवे पर प्रवेश नहीं कर सकेंगे।
इससे न सिर्फ दुर्घटनाएं कम होंगी अपितु वाहन बिना किसी व्यवधान के निर्धारित सीमा 100 किमी तक प्रति घंटे की रफ्तार से चल सकेंगे। उन्होंने बताया है कि 117.7 किमी लंबे कानपुर-कबरई हाईवे का निर्माण कार्य शुरू करने के लिए टेंडर इसी वित्तीय वर्ष में स्वीकृत हो जाएगा। पानीपत-शामली-गोरखपुर-सिलीगुड़ी हाईवे में यूपी में शामली से कुशीनगर तक लगभग 745 किमी. राजमार्ग के निर्माण कार्य का टेंडर अगले वित्तीय वर्ष में स्वीकृत होगा।
कानपुर से कबरई तक एक्सेस कंट्रोल्ड ग्रीनफील्ड हाईवे (आर्थिक गलियारा) की लंबाई 117.7 किमी होगी। कानपुर से शुरू होकर यह हाईवे कानपुर देहात, हमीरपुर, (कबरई) महोबा होते हुए मध्य प्रदेश के छतरपुर, सागर, विदिशा होते हुए भोपाल को जोड़ेगा। यूपी में कानपुर से कबरई तक के खंड के निर्माण पर 7145.14 करोड़ रुपये की लागत अनुमानित है।
प्रधानमंत्री मोदी की अध्यक्षता में आर्थिक मामलों की मंत्रिमंडलीय समिति (सीसीईए) ने कानपुर-कबरई हाईवे के निर्माण को मंजूरी दी थी। पानीपत-गोरखपुुर-सिलीगुड़ी तक बनने वाले हाईस्पीड एक्सेस कंट्रोल्ड ग्रीनफील्ड हाईवे यूपी में शामली से कुशीनगर तक बनाया जाना है।
