उत्तराखंड

डा. नरेश बंसल ने सदन मे पेट्रोलियम खुदरा क्षेत्र से संबंधित प्रश्न उठाए

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भाजपा राष्ट्रीय सहकोषाध्यक्ष व सांसद राज्यसभा डा. नरेश बंसल ने सदन मे देश मे पेट्रोलियम खुदरा क्षेत्र का आधुनिकीकरण और विद्युत गतिशीलता अवसंरचना के साथ एकीकरण का महत्वपूर्ण विषय उठाया

देहरादून । डा. नरेश बंसल ने सदन मे प्रश्न किया कि क्या पेट्रोलियम और प्राकृतिक गैस मंत्री यह बताने की कृपा करेंगे कि
क. डिजिटल भुगतान प्रणालियों की तैनाती सहित पेट्रोलियम खुदरा विक्रय केंद्रों के डिजिटलीकरण ने पेट्रोेेलियम विपणन क्षेत्र में उपभोक्ता सुविधाओं और परिचालन दक्षता को बढ़ाने में किस हद तक योगदान दिया है
ख. क्या ईंधन बाउजरों सहित मोबाईल ईंधन वितरण अवसंरचना की तैनाती से दूरस्थ ग्रामीण और वंचित क्षेत्रों में अंतिम छोर तक ईंधन की उपलब्धता में मापनीय सुधार हुआ है और यदि हां तो तत्संबंधी ब्यौरा क्या है और
ग. क्या सरकार ने पेट्रोलियम खुदरा विक्रय केंद्रों को एकीकृत ऊर्जा सेवा केंद्रों में परिवर्तित करने के लिए कोई रूपरेखा तैयार की हैः-

पेट्रोलियम और प्राकृतिक गैस मंत्रालय में राज्य मंत्री श्री सुरेश गोपी जी ने सदन मे इसके उत्तर मे बताया किः-

क से गः सार्वजनिक क्षेत्र की तेल विपणन कंपनियों (ओएमसीज) का पूरे देश में शहरीए अर्ध-शहरी और ग्रामीण इलाकों सहित 92343 खुदरा बिक्री केंद्रों (आरओज) का नेटवर्क हैैै जिसमें 01.03.2026 की स्थिति के अनुसार 92195 आरओज में डिजिटल भुगतान समाधान की सुविधा उपलब्ध है। इनमें यूपीआईए क्रेडिट और डेबिट कार्ड और लोयल्टी कार्यक्रम शामिल हैंैै जो पूरे देश में ग्राहकों के लिए आसान कैशलेस लेन-देन सुनिश्चित करते हैं
दिनांक 01.03.2026 की स्थिति के अनुसार सार्वजनिक क्षेत्र की ओएमसीज के पास पूरे देश में 3283 मोबाइल फ्यूल डिलीवरी वाहन हैं जिनमें दूरदराज के ग्रामीण और कम सुविधा वाले इलाके भी शामिल हैं। इन वाहनों ने हाई स्पीड डीजल (एचएसडी) की मांग और आपूर्ति के बीच अंतर को खत्म करने में मदद की है। विशेषकर उन उद्योगों और दूरदराज के उपयोगकर्ताओं के लिएए जिनके पास भंडारण की सुविधा नहीं है साथ ही ये ईज आॅफ डूइंग बिजनेस (व्यापार करने में आसानी) को बढ़ावा देते हैं और पहुंच विस्तार करते हैं।
दिनांक 01.03.2026 की स्थिति के अनुसार सार्वजनिक क्षेत्र की ओएमसीज के पास पूरे देेश में 1488 ऊर्जा स्टेशन हैं। ये ऊर्जा स्टेशन मोबिलिटी के लिए ऊर्जा के कई विकल्प प्रदान के लिए खुदरा ईंधन केंद्र के रूप में काम करते हैं जिनमें न केवल पारंपरिक ईंधन शामिल हैं, बल्कि वैकल्पिक ऊर्जा स्रोतों का एक पूरा समूह भी उपलब्ध है। वे पारंपरिक ईंधन (पेट्रोल और डीजल) और हरित ईंधन, जैव ईंधन, संपीडित प्राकृतिक गैसी (सीएनजी) और द्रवीकृत प्राकृतिक गैस (एलएनजी) जहां संभव हो उपलब्ध कराते हैं और साथ ही वहां इलेक्ट्रिक वाहन (ईवी) चार्जिंग की सुविधा भी मौजूद है।

 

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