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नीतीश कैबिनेट में पावर शेयरिंग का फॉर्मूला लगभग तय, नई सरकार में तेजस्वी की आरजेडी के 17 मंत्री, जेडीयू से 13, कांग्रेस से 4, हम से 1 विधायक बनेगा मंत्री

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नीतीश कैबिनेट में पावर शेयरिंग का फॉर्मूला लगभग तय, नई सरकार में तेजस्वी की आरजेडी के 17 मंत्री, जेडीयू से 13, कांग्रेस से 4, हम से 1 विधायक बनेगा मंत्री

पटना। बिहार में महागठबंधन की नई सरकार के मुखिया नीतीश कुमार ने मुख्यमंत्री पद की शपथ ले ली है। अब राज्य में मंत्रिपरिषद के गठन की कवायद शुरू हो गई है। नीतीश कुमार की नई सरकार में अधिकतम 35 विधायक मंत्री बन सकते हैं। बताया जा रहा है कि नीतीश कुमार के नए मंत्रिपरिषद में आरजेडी के सबसे ज्यादा मंत्री होंगे। वहीं, जेडीयू से अधिकतर पुराने चेहरों को शामिल किया जाएगा। कांग्रेस के चार और हिंदुस्तान आवाम मोर्चा के एक विधायक को मंत्री बनाया जा सकता है। बिहार में मौजूदा विधायकों की संख्या के मुताबिक मुख्यमंत्री को छोड़कर 35 मंत्री बन सकते हैं। किस पार्टी के कितने नेताओं को मंत्रिपरिषद में शामिल किया जाएगा, इसका ऐलान अभी नहीं हुआ है। मगर कैबिनेट में पावर शेयरिंग का फॉर्मूला लगभग तय हो चुका है।

चार विधायकों पर एक मंत्री का फॉर्मूला
बिहार में कुल विधायकों की संख्या 243 है। इनमें से 164 विधायकों ने नीतीश कुमार को समर्थन दिया है। हालांकि वामदलों ने सरकार में शामिल नहीं होने का फैसला लिया है, वे सिर्फ बाहर से महागठबंधन को समर्थन देंगे। ऐसे में देखा जाए तो 143 विधायक ही सीधे तौर पर सरकार का हिस्सा रहेंगे। इनमें से अधिकतम 35 को मंत्री बनाया जा सकता है। यानी कि चार विधायकों पर एक विधायक का फॉर्मूला लागू हो सकता है।

किस पार्टी से कितने मंत्री?
एचटी के सूत्रों के मुताबिक बिहार विधानसभा में लालू प्रसाद यादव की आरजेडी सबसे बड़ी पार्टी है। इसलिए आरजेडी कोटे से सबसे ज्यादा 16 मंत्री बनाए जा सकते हैं। वहीं जेडीयू कोटे से 13 मंत्री बनने की चर्चा है। इसके अलावा कांग्रेस से अधिकतम चार, जीतनराम मांझी की हम से एक मंत्री बनाया जा सकता है।

गृह मंत्रालय का पद अपने पास रखेंगे सीएम नीतीश
मुख्यमंत्री नीतीश कुमार सबसे अहम माने जाने वाला गृह विभाग अपने पास ही रखेंगे। चर्चा थी कि तेजस्वी यादव ने उनसे यह विभाग मांगा था। मगर जब भी नीतीश मुख्यमंत्री बने, गृह विभाग उनके पास ही रहता है। इससे राज्य में पुलिस और कानून व्यवस्था का पूरा कंट्रोल उन्हीं के पास होता है। तेजस्वी यादव को शिक्षा या सड़क निर्माण जैसे अहम विभाग दिए जा सकते हैं। वहीं, बीजेपी के पास जो पुराने पोर्टफोलियो थे, वे आरजेडी, कांग्रेस और हम के हिस्से जाने हैं।

नीतीश कुमार की नई मंत्रिपरिषद के संभावित नाम
महागठबंधन सरकार के मुखिया नीतीश कुमार की नई मंत्रिपरिषद में जेडीयू कोटे से लगभग पुराने नेताओं को ही शामिल किया जाएगा। जेडीयू संसदीय बोर्ड के राष्ट्रीय अध्यक्ष उपेंद्र कुशवाहा को भी मंत्री बनाया जा सकता है। वहीं, आरजेडी कोटे से तेजस्वी यादव डिप्टी सीएम बन रहे हैं। उनके अलावा तेज प्रताप यादव, आलोक कुमार मेहता, चंद्रशेखर, सुनील कुमार सिंह, भाई वीरेंद्र, अनीता देवी, सुरेंद्र यादव का नाम चर्चा में है। कांग्रेस की ओर से अजीत शर्मा, मदन मोहन झा, शकील अहमद औऱ राजेश राम को मंत्री बनने की रेस में सबसे आगे हैं। हम से संतोष कुमार सुमन का मंत्री बनना लगभग तय है। वहीं निर्दलीय सुमित कुमार सिंह भी मंत्री बन सकते हैं, वे एनडीए सरकार में भी मंत्री रह चुके हैं।

आरजेडी के कोटे में जाएगा विधानसभा अध्यक्ष का पद
महागठबंधन सरकार में विधानसभा अध्यक्ष का पद आरजेडी के हिस्से में जाने के आसार हैं। आरजेडी में सबसे वरिष्ठ और सुलझे हुए विधायक अवध बिहारी को विधानसभा स्पीकर बनाया जा सकता है।

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