उत्तराखंड शासन द्वारा 2026 में होने वाले अवकाश का आदेश हुआ जारी
देहरादून।
उत्तराखंड में वर्ष 2026 (शक संवत 1947–48) के लिए सार्वजनिक एवं ऐच्छिक अवकाशों की आधिकारिक घोषणा कर दी गई है। राज्यपाल ने मैनुअल ऑफ गवर्नमेंट ऑर्डर्स के पैरा–243 के अंतर्गत प्रदत्त अधिकारों का प्रयोग करते हुए इस संबंध में अधिसूचना जारी की है।
सामान्य प्रशासन विभाग, उत्तराखंड शासन द्वारा जारी आदेश के अनुसार, वर्ष 2026 में प्रदेश भर में कुल 25 सार्वजनिक अवकाश घोषित किए गए हैं। ये अवकाश राज्य के सभी शासकीय कार्यालयों, शैक्षणिक संस्थानों एवं सरकारी प्रतिष्ठानों में लागू होंगे।
सचिवालय और विधानसभा पर लागू नहीं होंगी कुछ छुट्टियां
अधिसूचना में स्पष्ट किया गया है कि उत्तराखंड सचिवालय, विधानसभा एवं जिन कार्यालयों में पांच दिवसीय कार्य सप्ताह लागू है, वहां अनुसूची-2 में घोषित सार्वजनिक अवकाश लागू नहीं होंगे। हालांकि, इन अवकाशों को अब नियंत्रित अवकाश की श्रेणी में शामिल किया गया है, जिनका उपयोग नियमानुसार किया जा सकेगा।
जिलाधिकारी घोषित कर सकेंगे स्थानीय अवकाश
मैनुअल ऑफ गवर्नमेंट ऑर्डर्स के पैरा–247 के अंतर्गत जिलाधिकारियों को अधिकार दिया गया है कि वे स्थानीय परिस्थितियों को ध्यान में रखते हुए अधिकतम तीन स्थानीय छुट्टियां घोषित कर सकते हैं। इन स्थानीय अवकाशों के दौरान सचिवालय, विधानसभा एवं पांच दिवसीय कार्य सप्ताह वाले कार्यालय खुले रहेंगे।
बैंक और कोषागार के लिए अलग व्यवस्था
अनुसूची-1 के अंतर्गत घोषित सार्वजनिक अवकाश बैंक, कोषागार एवं उप-कोषागार में लागू नहीं होंगे। इन संस्थानों में नेगोशिएबल इंस्ट्रूमेंट एक्ट, 1881 के तहत घोषित अवकाश ही मान्य होंगे, जिनका विवरण अनुसूची-4 में दिया गया है।
चंद्र दर्शन के अनुसार बदल सकती है तिथि
अधिसूचना में यह भी उल्लेख किया गया है कि जिन त्योहारों की तिथियां स्थानीय चंद्र दर्शन पर आधारित हैं, यदि उनमें कोई परिवर्तन होता है तो वह स्वतः प्रभावी माना जाएगा। इसके लिए अलग से किसी औपचारिक आदेश की आवश्यकता नहीं होगी।
दो ऐच्छिक अवकाश लेने की अनुमति
राज्य सरकार ने कर्मचारियों को वर्ष 2026 में सूचीबद्ध ऐच्छिक अवकाशों (अनुसूची-3) में से दो अवकाश लेने की अनुमति भी प्रदान की है।
उत्तराखंड शासन द्वारा जारी यह अवकाश सूची प्रशासनिक सुचारू संचालन के साथ-साथ आम नागरिकों की सुविधा को ध्यान में रखते हुए तैयार की गई है।




