बरेली के फन पार्क में KVMH विद्यालय, हल्द्वानी की छात्रा की दुखद मृत्यु पर आयोग की बैठक हुई आयोजित
आज आयोग ने बरेली के एक फन पार्क में KVMH हल्द्वानी के विद्यालय की छात्रा की दुर्भाग्यपूर्ण मृत्यु के संदर्भ में शिक्षा विभाग के अधिकारियों और विद्यालय प्रशासन के साथ एक विशेष बैठक आयोजित की।
बालाजी टाइम्स राष्ट्रीय न्यूज देहरादून। बैठक के दौरान सुनवाई में यह तथ्य सामने आया कि विद्यालय प्रशासन द्वारा अनिवार्य स्वीकृति लि गयी थी और और माता पिता में भी अपने बच्चे की मेडिकल हिस्ट्री होने का सही संज्ञान नहीं लिया था और ना ही इसके बारे में स्कूल प्रशासन को अवगत कराया था। अध्यक्षा डॉ गीता खन्ना द्वारा ,शिक्षा विभाग से विस्तृत आख्या मांगी है , प्रथम दृष्टया इसमें विद्यालय प्रशासन की लापरवाही उद्घोषित नहीं होती है हलाकि अभी बरेली पुलिस की रिपोर्ट नहीं आई है |परन्तु अभी विस्तृत आख्या शिक्षा विभाग और बरेली पुलिस के द्वारा प्राप्त होने के बाद ही इस पर पूर्ण निर्णय हो पाएगा |
आयोग की अध्यक्षा डॉ. गीता खन्ना ने बच्चों के अभिभावकों से आग्रह किया है कि वे अपने बच्चों की चिकित्सा इतिहास सहित सभी आवश्यक विवरण स्कूल प्रशासन को उपलब्ध कराएं। उन्होंने कहा कि यह जानकारी स्कूल प्रबंधन को किसी भी आपात स्थिति में त्वरित और उचित सहायता प्रदान करने में सहायक होगी। अभिभावकों और स्कूल प्रशासन के बीच सहयोग से बच्चों की सुरक्षा और देखभाल को बेहतर बनाया जा सकता है।
हालांकि, इस घटना ने राज्य में संचालित वाटर पार्क्स और एडवेंचर स्पोर्ट्स के सुरक्षा मानकों की समीक्षा की आवश्यकता को उजागर किया है। आयोग ने इस संदर्भ में उत्तराखंड के पर्यटन मंत्री, मुख्यमंत्री, और आपदा प्रबंधन विभाग को पत्र लिखकर राज्य में संचालित सभी वाटर पार्क्स और एडवेंचर स्पोर्ट्स के लिए उपयुक्त सुरक्षा ऑडिट कराने के दिशा-निर्देश जारी करने का आग्रह किया है।
उत्तराखंड एक पर्यटन प्रधान प्रदेश है और यहां की आर्थिकी का एक बड़ा हिस्सा पर्यटन पर आधारित है। ऐसी घटनाओं की पुनरावृत्ति रोकने के लिए यह अत्यंत आवश्यक है कि हर वाटर स्पोर्ट्स स्थल पर फर्स्ट एड किट, और प्रशिक्षित लाइफ गार्ड की उपस्थिति अनिवार्य की जाए। साथ ही, सुरक्षा मानकों का गहन अध्ययन और उनकी प्रभावी निगरानी सुनिश्चित की जाए।
आयोग का उद्देश्य है कि इस दिशा में ठोस कदम उठाकर राज्य में पर्यटकों और स्थानीय नागरिकों की सुरक्षा को प्राथमिकता दी जाए।
आयोग की अध्यक्षा डॉ. गीता खन्ना ने दीपम सेठ को उत्तराखंड के नए पुलिस महानिदेशक (डीजीपी) के रूप में नियुक्ति पर बधाई दी। अपने पत्र में उन्होंने विश्वास व्यक्त किया कि उनके नेतृत्व में प्रदेश में कानून व्यवस्था और अधिक सुदृढ़ होगी। डॉ. गीता खन्ना ने विशेष रूप से आशा व्यक्त की कि श्री सेठ बच्चों की सुरक्षा को प्राथमिकता देंगे और इस दिशा में प्रभावी कदम उठाएंगे।
