उत्तर प्रदेशउत्तराखंडदेहरादूनधार्मिकपर्यटनराष्ट्रीयशिक्षास्वास्थ्य

एनेस्थीसिया दिवस दर्द से मुक्ति की दिशा मे वरदान- ललित जोशी

Spread the love

एनेस्थीसिया दिवस जीवन रक्षक तकनीक-ललित जोशी

विश्व एनेस्थीसिया दिवस: स्वस्थ भविष्य की दिशा वरदान-ललित जोशी

देहरादून। सीआईएमएस एंड यूआईएचएमटी ग्रुप ऑफ कॉलेज देहरादून में ऑपरेशन थियेटर टैक्नोलॉजी विभाग की ओर से विश्व एनेस्थीसिया दिवस मनाया गया। यह दिन चिकित्सा विज्ञान में एनेस्थीसिया (बेहोशी) की खोज और उसके महत्वपूर्ण योगदान को याद करने और उसे सम्मानित करने के लिए प्रत्येक वर्ष 16 अक्टूबर को मनाया जाता है।

बुधवार को आयोजित कार्यक्रम में सोबन सिंह जीना विश्वविद्यालय के कुलपति प्रो. सतपाल सिंह बिष्ट मुख्य अतिथि के रूप में उपस्थित रहे। वहीं कुमाऊं विश्वविद्यालय के परीक्षा नियंत्रक डॉ. महेन्द्र सिंह राणा, हेमवती नंदन बहुगुणा उत्तराखण्ड चिकित्सा शिक्षा विश्वविद्यालय के परीक्षा नियंत्रक प्रो. विजय जुयाल विशिष्ट अतिथि के रूप में उपस्थित रहे।

कार्यक्रम के संस्थान के चेयरमैन एडवोकेट ललित मोहन जोशी ने संस्थान परिसर में सभी अतिथियों का स्वागत सत्कार किया और छात्र-छात्राओं को कार्यक्रम आयोजन के लिए शुभकामनाएं प्रेषित की। उन्होंने छात्र-छात्राओं को संबोधित करते हुए कहा कि एनेस्थीसिया दिवस को मनाने का उद्देश्य एनेस्थेसियोलॉजिस्ट्स, जो सर्जरी के दौरान रोगी की बेहोशी और दर्द प्रबंधन सुनिश्चित करते हैं, उनके योगदान को पहचानना और इस क्षेत्र में हो रहे नवाचारों के प्रति जागरूकता फैलाना है।

मुख्य अतिथि प्रो. बिष्ट ने कार्यक्रम को संबोधित करते हुए एनेस्थीसिया दिवस पर प्रकाश डालते हुए कहा कि यह अवसर विशेष रूप से उन सभी चिकित्सकों, वैज्ञानिकों, और शोधकर्ताओं के प्रति आभार व्यक्त करने का है, जिनकी मेहनत ने चिकित्सा क्षेत्र में एनेस्थीसिया की क्रांति संभव बनाई है। आज सर्जरी के क्षेत्र में एनेस्थीसिया एक नींव का पत्थर बन चुका है। यह न केवल जटिल और जीवन-रक्षक सर्जरी को संभव बनाता है, बल्कि रोगी के दर्द और असुविधा को भी प्रभावी रूप से नियंत्रित करता है।

उन्होंने कहा कि एनेस्थीसिया के क्षेत्र में आज भी शोध और नवाचार की आवश्यकता है। विज्ञान और तकनीक की उन्नति के साथ, हमें सुरक्षित और प्रभावी एनेस्थेटिक प्रक्रियाओं के विकास के लिए निरंतर प्रयासरत रहना होगा। इस दिशा में किए गए हर प्रयास से मरीजों को और अधिक आराम और सुरक्षा मिल सकेगी।

कार्यक्रम में कॉलेज के छात्र-छात्राओं ने पोस्टर, नुक्कड़-नाटक, प्रस्तुतिकरण के जरिए एनेस्थीसिया में ओटी टेक्निशियनों की भूमिका पर प्रकाश डाला।

कार्यक्रम में सीआईएमएस एंड यूआईएचएमटी ग्रुप ऑफ कॉलेज के मैनेजिंग डायरेक्टर संजय जोशी, सीआईएमएस कॉलेज ऑफ पैरामेडिकल की प्रधानाचार्या डॉ. चारू ठाकुर, सीआईएमएस कॉलेज ऑफ नर्सिंग की प्रधानाचार्या डॉ. बलजीत कौर, , उपप्रधानाचार्य रबीन्द्र कुमार झा, शिवानी बिष्ट, ऋचा रावत, शिवानी जखमोला आदि शिक्षक एवं कर्मचारीगण सहित पैरामेडिकल विभाग के 300 से अधिक छात्र-छात्राएं उपस्थित रहे।

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *