उत्तराखंड

पंपिंग योजना क्षतिग्रस्त होने से डेढ़ दर्जन से अधिक गाँव और कई विद्यालयों में पानी कि आपूर्ति ठप्प

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यमकेश्वर : विगत 20 अगस्त 2022 क़ो आयी आपदा के 22 दिन बाद भी यमकेश्वर क़ि व्यवस्थाये पटरी पर नहीं आ रही है। अधिकांश क्षेत्र में पानी कि पाइप लाईन क्षति ग्रस्त हो गई हैं, जिस कारण पानी कि आपूर्ति नहीं हो रही है, ग्रामीण दूर प्राकृतिक स्त्रोतो से पानी भर कर लाने क़ो मजबूर हैँ। गाँव क़ो जोड़ने वाले सम्पर्क मार्ग अभी तक पूरी तरह से नहीं बन पाए हैँ। लोक निर्माण विभाग द्वारा सड़को कि मरम्मत कर खोलने का काम जारी हैँ।

विगत दिनों आयी आपदा के कारण फलदाकोट पंप क्षतिग्रस्त होने से बंद पड़ी हुई है , जिस वज़ह से डेढ़ दर्जन गाँव प्रभावित हो गये हैँ, और कई स्कूल में पानी कि आपूर्ति ठप हैँ। फलदाकोट पंपिंग से कई गाँवों में पानी कि आपूर्ति नहीं होने से जण जीवन प्रभावित हो गया हैँ।


फलदाकोट पंपिंग से जुड़े गाँव फलदाकोट, कुकरेती धार, कंडवाल गाँव, पोखरखाल नाई, विनक़ नाइ, तलाण्डी, पातली चिकित्सालय, और प्राथमिक विद्यालय, गोदी, बूँगा भदौड़ा, मुसराली, मागथा, अट्टा, गहलीखेत, गणेशपुर, वासवा, में पानी कि आपूर्ति ठप पड़ी हैँ।

पड़ी हैँ।


वंही प्राथमिक विद्यालय, पातली, डौर, वासवा, मंगल्या गाँव, गणेशपुर, फलदाकोट, जूनियर है स्कूल शक्तिखाल, और शिव दयाल गिरी इंटर कॉलेज पोखरखाल में पानी नहीं आने से अध्ययनरत नौनीहालो क़ो पानी नहीं मिल पर रहा हैँ, और मध्याहन भोजन बनाने में समस्या आ रही हैँ।


ग्रामीणों का कहना हैँ कि कई बार इस विषय में विभाग क़ो सूचना दी गई हैँ लेकिन अभी तक उक्त योजना क़ो सुचारु नहीं हो पायी हैँ। विगत दो दिन पूर्व ही सांसद तीरथ सिंह रावत और यमकेश्वर विधायक रेनू बिष्ट नें जुलेड़ी पंपिंग योजना और पंचूर पंपिंग योजना का उदघाटन किया था, लेकिन इस क्षतिग्रस्त योजना के संबध में उन्हें स्थानीय प्रतिनिधियों द्वारा कोई सूचना नहीं दी गई हैँ।

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