उत्तराखंड क्षत्रिय कल्याण समिति के सदस्यों ने मालदेवता आपदा पीड़ितों से किया संपर्क
उत्तराखंड/देहरादून/मालदेवता
देहरादून से जगमोहन मौर्य की रिपोर्ट –उत्तराखंड क्षत्रिय कल्याण समिति ( पंजीकृत) देहरादून ने कुछ सम्मानित साथियों के विशेष प्रयास एवं सहयोग से बादल घाटी में हाल में हुए बादल फटने की घटना के फल स्वरुप ग्राम सरखेत व कुमांलडा आदि गांवो व क्षेत्र का भ्रमण किया , क्षेत्र हुई भयानक त्रासदी का अवलोकन किया , बादल फटने की घटना और उससे आई बाढ़ के कारण लोगों के खेत, खलियान व मकान, पशुधन बाढ़ की भेंट चढ़ गए हैं ,हजारों लोग बेघर हो गए हैं तथा अनेकों लोग लापता है , बच्चे स्कूल नहीं जा पा रहे हैं तथा जन समुदाय अलग-अलग स्थानों पर शरण लिए हुए हैं अधिकतर लोग अपने रिश्तेदारों के पास नजदीकी गांव व शहरों में अपना अस्थाई निवास बनाए हुए हैं, समिति के कुछ जागरूक सदस्यों द्वारा मालदेवता बाढ़ प्रभावित कैंप , बीपीसीएल,व ग्राम सरखेत में आपदा पीड़ितों से संपर्क किया, उनके दुख दर्द को समझा तथा उनके प्रति हार्दिक संवेदना व्यक्त की गई अनेक परिवारों के कुछ सदस्य इस घटना में दिवंगत हो गए हैं उनके प्रति हार्दिक संवेदना व्यक्त की गई । तत्पश्चात काफी संख्या मे, साड़ियां पेंट कमीज, लेडीज सूट, छोटे बच्चों के कपड़े, अंडर गारमेंट्स, जूते, एंड चप्पल, तौलिया, माचिस, मोमबत्तियां, बिस्किट्स, राशन व मिर्च मसाला, तेल , छोटे-छोटे (पैक में), दवाइयां, चावल, आदि का वितरण किया गया , तथा भविष्य में भी सहायता उपलब्ध कराने का आश्वासन दिया है ।

इस मौके पर मेरे अनेक सहयोगी ,जैसे सर्व श्री किशन सिंह भंडारी जी, प्रताप सिंह बिष्टजी, धनपाल सिंह रावतजी , मेजर एमएस रावत जी, श्री अनूप नेगी जी, श्री तोमर जी, हमारे आदरणीय श्री गोविंद सिंह बिष्ट जी भूतपूर्व महासचिव, आदि अन्य सदस्यों के सहयोग से ही उक्त भ्रमण कार्यक्रम सफल हो सका। अनेक दानदाताओं के विशेष सहयोग से कार्यक्रम में सफल रहा,। राजकीय इंटर कॉलेज मालदेवता एवं शिव प्राइवेट जूनियर हाई स्कूल के स्टाफ के सहयोग के लिए ,समिति की ओर से मैं उनका आभारी हूं तथा मैं उन सभी लोगों का भी आभारी हूं जिन्होंने उक्त सामान बहुतायत में उपलब्ध करने में समिति का सहयोग किया है मैं उनका भी तहे दिल से बहुत-बहुत आभारी हूं। मैं श्री अनूप नेगी समाजसेवी, जो बसंत बिहार निवासी है का भी बहुत आभारी हूं जिन्होंने अल्प समय में काफी संख्या में सहायता सामग्री उपलब्ध भी कराई है तथा अंत तक समिति के सदस्यों के साथ सहयोग करते रहे हैं । मैं सभी छत्रिय भाइयों का तहे दिल से शुक्रिया अदा करता हूं जिन्होंने प्रत्यक्ष व अप्रत्यक्ष रूप से इस कार्यक्रम को सफल बनाया ।
