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नीलकंठ मंदिर के मधुमती और पंकजा नदी के संगम पर डाले जा रहा है कांवड़ के बाद का कूड़ा, देखिए

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उत्तराखंड/यमकेश्वर

वर्ष 2022 का कांवड़ यात्रा मेला 26 जुलाई को पूरा हो चुका है, इस साल नीलकंठ मंदिर में लाखों यात्री दर्शन करने आये, उसके बाद हरिद्वार से लेकर ऋषिकेश नीलकंठ तक टनों कचरा बिखेर कर चले गए। सोशल मीडिया में एक वीडियो वायरल हो रहा है, जिसमे दिखाई दे रहा है कि नीलकंठ मंदिर के परिसर में बहने वाली नदी मधुमिता और पंकजा जो नीलकंठ के ऊपर से आती हैं और नीलकंठ मंदिर के परिसर के पास संगम बनाती हैं उसमें ऊपर से ,कूड़ा डालते हुए दिखाई दे रहे है। नीलकंठ मंदिर में लाखों का चढ़ावा चढ़ता है किंतु कूड़ा निस्तारण के लिये कोई व्यवस्था नहीँ है।

बता दें कि पंकजा औऱ मधुमति नदी नीलकंठ से होकर काली कुंड के पास गंगा में मिल जाती हैं, बरसात में नीलकंठ का सारा कूड़ा गंगा नदी में समाहित हो जाता है। नीलकंठ मंदिर यमकेश्वर का सबसे बड़ा धार्मिक पर्यटन क्षेत्र है, यँहा लाखों यात्री दर्शन के लिये आते हैं, और पहाड़ी क्षेत्र में जगह जगह कूड़ा फेक देते हैं, साथ ही यँहा होटल दुकानों का कूड़ा का निस्तारण नहीँ होने से सारा कूड़ा कचरा नीलकंठ के परिसर में बहने वाली नदी में उड़ेल दिया जाता है, जैसा कि वायरल वीडियो में भी देखने को मिल रहा है। यमकेश्वर में अभी ताजा प्रकरण गरुड़ चट्टी टोल टैक्स को बंद करने का है जिसमें जिला प्रशासन से स्थानीय विधायक द्वारा जिला प्रशासन से इसकी आय और व्यय का आंकड़ा माँगा गया है। इसी तर्ज पर नीलकंठ में चढ़ने वाले चढ़ावा का भी संज्ञान लेकर आने वाले आय को यदि नीलकंठ की व्यवस्थाओ को सुदृढ करने पर उपयोग किया जाय तो काफी व्यवस्थाओ में सुधार होने की गुंजाइश दिखाई देती है।

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