साइबर अपराध पीड़ित के ₹1.45 करोड़ बचाने में एसटीएफ की बड़ी सफलता
कार्यालय वरिष्ठ पुलिस अधीक्षकए स्पेशल टास्क फोर्स देहरादून उत्तराखंड
दिनांक 28.07.2026
साइबर ठगी में प्रयुक्त बैंक खातों को त्वरित कार्रवाई करते हुए फ्रीज कराया जा रहा है।
वर्ष 2026 के जुलाई माह में एक माह से भी कम अवधि में 1930 कंट्रोल रूम के माध्यम से लगभग 04 करोड़ की साइबर अपराध पीड़ितों की धनराशि सुरक्षित कराई गई।
देहरादून । स्पेशल टास्क फोर्स, उत्तराखण्ड के अधीन संचालित राष्ट्रीय वित्तीय साइबर हेल्पलाइन 1930 कंट्रोल रूम द्वारा साइबर अपराध पीड़ितों की धनराशि सुरक्षित कराने हेतु निरंतर त्वरित एवं प्रभावी कार्यवाही की जा रही है।
*दिनांक 27.07.2026 को श्री स्वरूप सिंह, निवासी दिनेशपुर, जनपद ऊधमसिंहनगर द्वारा राष्ट्रीय वित्तीय साइबर हेल्पलाइन 1930 पर शिकायत दर्ज कराई गई कि अज्ञात साइबर अपराधियों द्वारा बैंकिंग आईडी पुनः सक्रिय/बनाने हेतु ई-सिम जारी कराने का झांसा देकर उनके साथ ₹1,51,06,100/- की साइबर धोखाधड़ी की गई है। शिकायत प्राप्त होते ही 1930 कंट्रोल रूम में नियुक्त टीम द्वारा तत्काल संबंधित बैंकों एवं अन्य हितधारकों से समन्वय स्थापित कर त्वरित कार्रवाई की गई, जिसके परिणामस्वरूप शिकायतकर्ता की ₹1,45,82,750/- की धनराशि समय रहते होल्ड (सुरक्षित) करा दी गई।*
*वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक, एसटीएफ.* ने जनता से अपील की है कि अपना बैंक खाता, एटीएम कार्ड, OTP, PIN अथवा UPI PIN किसी के साथ साझा न करें तथा अपना बैंक खाता किराये/कमीशन पर किसी को उपयोग हेतु न दें, यह दण्डनीय अपराध है। अज्ञात स्रोत से धनराशि प्राप्त होने पर तत्काल बैंक अथवा पुलिस को सूचित करें। अज्ञात नंबरों से आने वाली वीडियो कॉल, डिजिटल अरेस्ट, पुलिस/CBI/ED अधिकारी बनकर डराने-धमकाने तथा अधिक लाभ का लालच देकर निवेश कराने वाले साइबर ठगों से सावधान रहें। कोई भी सरकारी एजेंसी ऑनलाइन गिरफ्तार नहीं करती। किसी भी कस्टमर केयर नंबर के लिए गूगल सर्च पर भरोसा न करें तथा किसी भी संदिग्ध लिंक, वेबसाइट या निवेश योजना में धनराशि निवेश न करें। वित्तीय साइबर अपराध होने पर तत्काल 1930 हेल्पलाइन पर कॉल करें अथवा www.cybercrime.gov.in पर शिकायत दर्ज कर निकटतम पुलिस/साइबर क्राइम पुलिस स्टेशन से संपर्क करें।
