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जिला एवं महानगर अध्यक्षों को चुनाव लड़ने की शर्तों पर पंकज सिंह क्षेत्री ने विचार व्यक्त किए

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बालाजी टाइम्स न्यूज देहरादून उत्तराखंड ।

सेवा में,
आदरणीय श्री मल्लिकार्जुन खड़गे जी
राष्ट्रीय अध्यक्ष,
भारतीय राष्ट्रीय कांग्रेस
9A, कोटला रोड, नई दिल्ली, 110002

विषय: जिला एवं महानगर अध्यक्षों को विधानसभा चुनाव लड़ने हेतु पद छोड़ने के निर्देश पर पुनर्विचार किए जाने के संबंध में।

महोदय,
मैं, पंकज सिंह क्षेत्री (अधिवक्ता), प्रदेश प्रवक्ता, उत्तराखंड कांग्रेस कमेटी, अत्यंत व्यथित मन से आपका ध्यान उत्तराखंड प्रदेश प्रभारी  कुमारी शैलजा द्वारा दिए गए उस निर्देश की ओर आकर्षित करना चाहता हूं, जिसमें कहा गया है कि यदि कोई जिला अथवा महानगर अध्यक्ष विधानसभा चुनाव लड़ना चाहता है तो उसे पहले अपने पद से त्यागपत्र देना होगा।
मेरा मानना है कि यह निर्देश वर्तमान राजनीतिक परिस्थितियों में पार्टी के हितों के अनुकूल नहीं है। आज भारतीय जनता पार्टी योजनाबद्ध तरीके से कांग्रेस के नेताओं, कार्यकर्ताओं और संगठन को कमजोर करने में लगी हुई है। ऐसे समय में जब हमें अपने समर्पित और संघर्षशील नेतृत्व को प्रोत्साहित करने की आवश्यकता है, तब संगठन के लिए वर्षों से कार्य कर रहे जिला एवं महानगर अध्यक्षों के सामने इस प्रकार की शर्त रखना उनके मनोबल को तोड़ने वाला कदम प्रतीत होता है।
जिला अध्यक्ष,महानगर अध्यक्ष, केवल एक पदाधिकारी नहीं होता, बल्कि वह पार्टी की विचारधारा का सबसे महत्वपूर्ण वाहक होता है। वह गांव-गांव,शहर की गलियों और बूथ स्तर तक कांग्रेस की नीतियों को पहुंचाता है, कार्यकर्ताओं को जोड़ता है तथा जनता के बीच पार्टी की पहचान मजबूत करता है। यदि ऐसे समर्पित कार्यकर्ता चुनाव लड़कर जनता का प्रतिनिधित्व करना चाहते हैं, तो उन्हें प्रोत्साहित किया जाना चाहिए, न कि संगठनात्मक पद छोड़ने के लिए बाध्य किया जाना चाहिए।

सबसे महत्वपूर्ण प्रश्न यह है कि यदि चुनाव लड़ना संगठनात्मक पद के साथ असंगत माना जा रहा है, तो यह नियम केवल जिला एवं महानगर अध्यक्षों पर ही क्यों लागू हो? क्या प्रदेश अध्यक्ष, प्रदेश प्रभारी, प्रदेश पदाधिकारी, विभागों एवं प्रकोष्ठों के अध्यक्ष तथा अन्य वरिष्ठ संगठनात्मक पदाधिकारी भी चुनाव नहीं लड़ेंगे? यदि नहीं, तो फिर केवल जिला अध्यक्षों, नगर एवं महानगर अध्यक्षों के लिए यह अलग मानदंड न्यायसंगत नहीं कहा जा सकता।
मेरा विनम्र आग्रह है कि इस निर्णय पर तत्काल पुनर्विचार किया जाए तथा उक्त निर्देश को वापस लिया जाए। अन्यथा संगठन में समानता और निष्पक्षता के सिद्धांत के तहत स्पष्ट घोषणा की जाए कि प्रदेश अध्यक्ष सहित सभी संगठनात्मक पदाधिकारी भी विधानसभा चुनाव नहीं लड़ेंगे। लोकतांत्रिक संगठन में नियम सभी पर समान रूप से लागू होने चाहिए।
आज आवश्यकता संगठन को कमजोर करने की नहीं, बल्कि प्रत्येक स्तर पर नेतृत्व को सशक्त बनाने की है। कांग्रेस का इतिहास त्याग, संघर्ष और लोकतांत्रिक मूल्यों का इतिहास रहा है। आशा है कि आप इस विषय की गंभीरता को समझते हुए न्यायपूर्ण निर्णय लेंगे और समर्पित जिला अध्यक्षों, नगर एवं महानगर अध्यक्षों की भावनाओं का सम्मान करेंगे।
सादर,
पंकज सिंह क्षेत्री (अधिवक्ता)
प्रदेश प्रवक्ता
उत्तराखंड कांग्रेस कमेटी
देहरादून, उत्तराखंड
9997774563

प्रतिलिपि:
1) माननीय श्री राहुल गांधी जी, नेता प्रतिपक्ष, लोकसभा
2) श्री के.सी. वेणुगोपाल जी, महासचिव (संगठन), भारतीय राष्ट्रीय कांग्रेस

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