देहरादून

देहरादून में समावेश का उत्सव: राफेल ने 67वां संस्थापक दिवस धूमधाम से मनाया

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देहरादून ।

देहरादून स्थित Raphael Ryder-Cheshire International Centre में रविवार को 67वां संस्थापक दिवस बड़े उत्साह, गरिमा और समावेशी भावना के साथ मनाया गया। कार्यक्रम में सांस्कृतिक प्रस्तुतियों, प्रदर्शनी और सामुदायिक भागीदारी के जरिए सेवा और समर्पण की अद्भुत मिसाल देखने को मिली।

वर्ष 1959 में Leonard Cheshire और Sue Ryder द्वारा स्थापित यह संस्थान आज भी समाज के वंचित और विशेष आवश्यकताओं वाले लोगों को सम्मानजनक जीवन देने के अपने उद्देश्य पर निरंतर कार्य कर रहा है।

कार्यक्रम की शुरुआत सीईओ सुश्री प्रियो लॉल के स्वागत संबोधन से हुई। उन्होंने कहा कि संस्थापक दिवस केवल एक उत्सव नहीं, बल्कि संस्था की मूल विचारधारा—हर व्यक्ति के लिए गरिमा और अवसर—को याद करने का दिन है। उन्होंने यह भी बताया कि संस्था अब अपने 70वें वर्ष की ओर बढ़ रही है और इस विरासत को और मजबूत बनाने के लिए निरंतर प्रयासरत है।

इस अवसर पर 14 विद्यालयों ने भागीदारी की, जिनमें सामान्य और विशेष दोनों प्रकार के स्कूल शामिल रहे। इससे समाज में समावेश और समानता का सशक्त संदेश गया। कार्यक्रम स्थल पर व्यावसायिक प्रशिक्षण से जुड़ी गतिविधियों—खाना बनाना, दीया पेंटिंग, पेपर बैग निर्माण और सिलाई इकाई—की आकर्षक प्रदर्शनी लगाई गई।

सांस्कृतिक कार्यक्रम में गणेश वंदना से शुरुआत हुई, जिसके बाद “सितारे ज़मीन पर” थीम पर प्रस्तुति ने सभी का दिल जीत लिया। इसके अलावा डी.एस.ई. प्रशिक्षुओं द्वारा प्रस्तुत नुक्कड़ नाटक ने विशेष आवश्यकताओं वाले लोगों के जीवन की चुनौतियों को प्रभावशाली ढंग से प्रस्तुत किया।

कार्यक्रम का समापन एक भावुक और यादगार पल के साथ हुआ, जब सभी प्रतिभागियों ने आकाश में गुब्बारे छोड़कर एकजुटता और सकारात्मकता का संदेश दिया।

इस मौके पर मुख्य अतिथि Narendra Jeet Singh Bindra (अध्यक्ष, Hemkund Sahib Management Trust) ने राफेल के कार्यों की सराहना करते हुए कहा कि संस्था समाज में समावेश और मानव सेवा की मिसाल कायम कर रही है।

👉 सेवा, समर्पण और समावेशन का प्रतीक बना राफेल

भारत के प्रथम प्रधानमंत्री Jawaharlal Nehru द्वारा प्रदान की गई भूमि पर स्थापित यह केंद्र आज हजारों लोगों के लिए आश्रय, प्रशिक्षण और आत्मनिर्भरता का माध्यम बना हुआ है।

Ryder-Cheshire Foundation के अंतर्गत संचालित राफेल आज भी समाज के कमजोर वर्गों को मुख्यधारा से जोड़ने का महत्वपूर्ण कार्य कर रहा है।

👉 निष्कर्ष:
राफेल का 67वां संस्थापक दिवस न केवल एक उत्सव रहा, बल्कि समाज को समावेश, संवेदनशीलता और समान अवसर का संदेश देने वाला प्रेरणादायक आयोजन भी साबित हुआ।

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