उत्तराखंड

श्री बदरीनाथ-केदारनाथ यात्रा 2026 की तैयारियां तेज हुई

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गैर सनातनियों के मंदिरों में प्रवेश तथा मोबाइल, फोटो वीडियो रील बनाने पर प्रतिबंध: हेमंत द्विवेदी

देहरादून 4 अप्रैल 2026 बदरीनाथ-केदारनाथ मंदिर समिति (बीकेटीसी) अध्यक्ष हेमंत द्विवेदी ने कहा है कि मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी के निशा -निर्देश में आगामी यात्रा को लेकर सभी तैयारियां द्रुतगति से चल रही हैं। समिति स्तर पर व्यवस्थाओं को अंतिम रूप दिया जा रहा है ताकि श्रद्धालुओं को किसी प्रकार की असुविधा का सामना न करना पड़े तथा धामों सें सरल सुगम दर्शन सुविधा हो सके उल्लेखनीय है कि श्री बदरीनाथ धाम के कपाट 23 अप्रैल तथा श्री केदारनाथ धाम के कपाट 22 अप्रैल को दर्शनार्थ खुल रहे है जबकि श्री गंगोत्री यमुनोत्री धाम के कपाट 19 अप्रैल को श्रद्धालुओं के दर्शनार्थ खुल रहे है।

बीकेटीसी अध्यक्ष हेमंत द्विवेदी ने आंकड़ों का हवाले से कहा कि 3 अप्रैल तक रिकार्ड 1168644 ( ग्यारह लाख अड़सठ हजार छ: सौ चवालीस) तीर्थयात्रियों ने चारधाम यात्रा हेतु पंजीकरण करवायें है। जिसमें से सबसे अधिक 393690 पंजीकरण केदारनाथ के लिए 345224 श्री बदरीनाथ के लिए 213500 श्री गंगोत्री हेतु 208221 तीर्थयात्रियों ने पंजीकरण करा लिया है।
पंजीकरण को देखते हुए समिति को इस वर्ष बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं के आने की उम्मीद है

चारधाम यात्रा के मद्देनजर मद्देनजर सभी व्यवस्थाओं को सुदृढ़ किया जा रहा है। मंदिर समिति की आधिकारिक वेबसाइट के माध्यम से जल्द ही पूजा बुकिंग की सुविधा शुरू की जाएगी, जिससे श्रद्धालु घर बैठे ही अपनी पूजा की व्यवस्था सुनिश्चित कर सकेंगे। इसके साथ ही श्री बदरीनाथ और केदारनाथ धाम में गैर सनातनियों के प्रवेश पर सख्ती से रोक लागू रहेगी।
मंदिर परिसरों के 70 मीटर के दायरे में मोबाइल फोन ले जाने पर प्रतिबंध रहेगा। यह निर्णय मंदिर की गरिमा और श्रद्धालुओं की सुविधा को ध्यान में रखते हुए लिया गया है इसके लिए समिति तीर्थयात्रियों को लाकर उपलब्ध करायेगी।

श्रद्धालुओं के ठहरने के लिए विश्राम गृहों में बेहतर आवासीय सुविधाएं उपलब्ध कराई जा रही है इस बार दर्शन व्यवस्था को और अधिक सरल और सुगम बनाया जाएगा, जिससे लंबी कतारों और अव्यवस्था से बचा जा सके।

बीकेटीसी अध्यक्ष ने कहा कि प्रशासन से समन्वय तथा तीर्थ पुरोहितों तथा हकहकूकधारियों के सहयोग से आगामी यात्रा तैयारियों को गति दी जा रही है।

 

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