Dehradun

500 वर्षों के लंबे इंतजार के बाद श्रीराम जन्मभूमि मंदिर के ध्वजारोहण पर देश भर में उत्सव का माहौल- डा. नरेश बंसल

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500 वर्षों के लंबे इंतजार के बाद श्रीराम जन्मभूमि मंदिर के ध्वजारोहण पर देश भर में उत्सव का माहौल,यह अनुभूति अद्भुत, अभूतपूर्व और अवर्णनीय है:डा. नरेश बंसल ( सांसद राज्यसभा एवं राष्ट्रीय सह-कोषाध्यक्ष भाजपा)

बालाजी टाइम्स न्यूज देहरादून । भाजपा राष्ट्रीय सह-कोषाध्यक्ष व सासंद राज्यसभा डा.नरेश बंसल ने कहा कि श्री अयोध्याधाम मे श्रीराम जन्मभूमि मंदिर के ध्वजारोहण पर देश भर में खुशी का माहौल है,क्योंकि यह 500 वर्षों के लंबे इंतजार के बाद पूरे हुए एक महत्वपूर्ण निर्माण का प्रतीक है।आज केवल श्रीराम मंदिर ही नहीं, समूचे सनातन में आस्था का ध्वज लहरा रहा है।यह अनुभूति अद्भुत, अभूतपूर्व और अवर्णनीय है।

डा. नरेश बंसल ने कहा की यह इतिहास का वह गौरवपूर्ण क्षण है जिसका इंतजार देश ने कई सालोें से किया। मंदिर के शिखर पर फहराया जाने वाला केसरिया धर्म ध्वज केवल एक प्रतीक नहीं, बल्कि रामराज्य की भावना, धर्म की शक्ति और सांस्कृतिक विरासत का संदेश है।भाव विह्वल करने वाले इस दृश्य के साक्षी बन देश-विदेश के लोग आह्लादित, उल्लसित हैं। उनके मन में भाव-भक्ति की अभिव्यक्ति अनुपम है।

डा. नरेश बंसल ने कहा कि यह एक ऐतिहासिक पल है व एक नए युग की शुरुआत है और यह भगवा ध्वज सत्य, न्याय, मर्यादा और विकसित भारत का प्रतीक है।डा. नरेश बंसल ने कहा कि वाल्मीकि रामायण और रामचरितमानस में ध्वजों, पताकाओं और तोरणों का महत्व बताया गया है। त्रेता युग में राघव के जन्म का उत्सव हुआ था और अब कलियुग में यह ध्वजारोहण समारोह रामराज्य की पुनर्स्थापना का संदेश दुनिया को देगा।

डा. नरेश बंसल ने कहा कि आज हम सबके लिए एक सार्थकता का दिन है। इतने लोगों ने सपना देखा, इतने लोगों ने प्रयास किए, इतने लोगों ने अपने प्राण अर्पण किए आज
उनकी आत्मा को तृप्त हुई होगी।असंख्य राम भक्तों के तप, त्याग और बलिदान ने हमें यह सुअवसर प्रदान किया है।

डा. नरेश बंसल ने कहा कि श्रीराम केवल सनातन धर्म के आराध्य ही नहीं, हमारे चिंतन और दर्शन भी हैं। श्रीराम ही रीति-प्रकृति और प्रज्ञा हैं। राम हमारी संस्कृति का हस्ताक्षर हैं। वह शक्ति, भक्ति और स्तुति हैं। श्रीराम भारतीय हैं और उनसे ही भारतीयता है। इसलिए ध्वजारोहण दिवस भारतवर्ष का उत्सव के रूप में मनाया जा है व वर्षो तक याद किया जाएगा एवं हमारा मार्गदर्शन करता रहेगा।

 

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