कारगिल विजय दिवस पर अखिल भारतीय पूर्व सैनिक सेवा परिषद् द्वारा वीर शहीद जवानों को दी गई श्रद्धांजलि
देहरादून। अखिल भारतीय पूर्व सैनिक सेवा परिषद्” देहरादून महानगर इकाई द्वारा रावत फॉर्म, बद्रीपुर, देहरादून में कारगिल युद्ध में देश की रक्षा में सर्वोच्च बलिदान करने वाले बहादुरों को श्रद्धांजलि अर्पित कर कारगिल विजय दिवस हर्षोल्लास के साथ मनाया गया।

कार्यक्रम में मुख्य अतिथि के रूप में श्री बृज भूषण गैरोला जी, विधायक डोईवाला विधान सभा, ने कारगिल युद्ध के वीरों एवम् वीर नारियों को सम्मानित किया।
कार्यक्रम की अध्यक्षता मेजर महाबीर सिंह रावत,(से नि ) ने की। जो अखिल भारतीय पूर्व सैनिक सेवा परिषद के देहरादून महानगर के अधक्ष हैं।
मेहर रावत ने बताया कि जब देश की आन-बान पर कोई भी संकट आया, उत्तराखंड के जांबाजों ने देश की रक्षा के लिए अपना सर्वस्व न्यौछावर किया है। यही वजह है कि जब भी सैनिकों की शहादत को याद किया जाता है तो उत्तराखंड के वीरों के अदम्य साहस के किस्से हर जुबां पर होते हैं। बात करें वर्ष 1999 के कारगिल युद्ध की तो यहां भी उत्तराखंड के जांबाज सबसे आगे खड़े मिले। कारगिल युद्ध में उत्तराखंड के 75 जवानों ने देश रखा करते हुए अपने प्राणों की आहुति दी थी।

इनमें 37 जवान ऐसे थे, जिन्हें युद्ध के बाद उनकी बहादुरी के महावीर चक्र, वीर चक्र के लेकर मैन इन डिस्पैच पुरस्कार से नवाजा गया। आजादी से से पहले हो या आजादी के बाद हुए युद्ध। देश के लिए शहादत देना उत्तराखंड के शूरवीरों की परंपरा रही है। कारगिल युद्ध में भी उत्तराखंड के वीरों ने हर मोर्चे पर अपने युद्ध कौशल का परिचय देते हुए दुश्मनों के छक्के छुड़ाए थे।

रक्षा मामलों के जानकार बताते हैं कि युद्ध लड़ने में ही नहीं, बल्कि युद्ध की रणनीति तय करने और रणभूमि में फतह करने में भी उत्तराखंड के वीरों का कोई सानी नहीं है। आजादी के बाद से अब तक डेढ़ हजार से अधिक सैनिकों ने देश की रक्षा के लिए अपनी शहादत दी है।

किसी मां ने अपना बेटा खोया तो पत्नी ने पति और कई घर उजड़ गए। फिर भी न देशभक्ति का जज्बा कम हुआ और न ही दुश्मन को उखाड़ फेंकने का साहस। वर्तमान में भी सूबे के हजारों लाल सरहद की निगहबानी के लिए मुस्तैद हैं।

सम्मानित किया गया
1- लांस नायक – हीरा सिंह 1 नागा रेजीमेंट, सम्मान प्राप्त कर रही है उनकी धर्मपत्नी श्रीमती गंगी देवी |
2- लांस नायक मदन सिंह 17 गढ़वाल राइफल , सम्मान प्राप्त कर रही है उनकी धर्मपत्नी श्रीमती माखी देवी |
3- नायक सुभाष सिंह 10 गढ़वाल राइफल, सम्मान प्राप्त कर रही है उनकी श्रीमती मुन्नी देवी |
ऑनरी कैप्टन- खुशीमान गुरुगं 1/9 गोरखा राइफल, वीर चक्र

अखिल भारतीय पूर्व सैनिक सेवा परिषद विंग के चार उम्र दराज सैनिकों का सम्मान
1- कैप्टन उमेद सिंह रावत आयु 87 वर्ष।
2- कैप्टन धन सिंह रावत लेफ्टिनेंट अशोक वर्मा
3- सूबेदार महिपाल सिंह बिष्ट |
(सभी वेटरन सैनिक)
कार्यक्रम में मुख्य रूप से ब्रिज भूषण गैरोला, विधायक डोईवाला। समाजसेवी राजेश शर्मा , देवेंद्र डोभाल ,महासचिव, पूर्व सैनिक सेवा परिषद, संचालक श्री भोपाल बिष्ट, पूर्व सैनिक परिवार, शहीदों के परिवार जन, समाजसेवी, स्थानीय लोग उपस्थित रहे।
मेजर महाबीर सिंह रावत ने कार्यक्रम के अंत उपस्थित सभी अतिथि गणों का धन्यवाद किया।
