उत्तराखंड में देश का सबसे सख्त नकल विरोधी कानून लागू, राज्यपाल ने दी मंजूरी
देहरादून।
उत्तराखंड में देश का सबसे सख्त नकल विरोधी कानून लागू हो गया है।राज्यपाल गुरमीत सिंह ने नकल विरोधी अध्यादेश को मंजूरी दे दी है।अब 12 फरवरी को उत्तराखंड में होने वाली पटवारी लेखपाल परीक्षा समेत दूसरी सभी भर्ती परीक्षाएं नए नकल विरोधी कानून के अंतर्गत आयोजित होंगी।उधर, राज्यपाल ले.ज. गुरमीत सिंह (सेनि.) ने नकलरोधी कानून के अध्यादेश को मंजूरी दे दी है। इसी के साथ यह कानून पूरे प्रदेश में लागू हो गया।
उत्तराखंड में देश का सबसे सख्त नकल विरोधी कानून लागू हो गया। राज्यपाल लेफ्टिनेंट जनरल गुरमीत सिंह (सेनि) ने शुक्रवार को उत्तराखंड प्रतियोगी परीक्षा (भर्ती में अनुचित साधनों की रोकथाम व निवारण के उपाय) अध्यादेश, 2023 पर मुहर लगा दी। राजभवन ने 24 घंटे के भीतर यह कदम उठाया है।
अब भर्ती परीक्षाओं में पेपर लीक, नकल कराने या अनुचित साधनों में लिप्त पाए जाने पर आजीवन की सजा मिलेगी। साथ में 10 करोड़ रुपये तक जुर्माना भी देना पड़ेगा। इस गैर जमानती अपराध में दोषियों की संपत्ति जब्त कर ली जाएगी।
मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने भर्ती परीक्षाओं में गड़बड़ी का सिलसिला जारी रहने से उद्वेलित युवाओं को आश्वस्त करते हुए नकल विरोधी अध्यादेश को बीते दिन स्वीकृति देकर राजभवन भिजवाया था।
