सहसपुर विधानसभा में बीजेपी के वर्तमान विधायक को लेकर जनता दे रही रेड अलर्ट , लेकिन बीजेपी संगठन का वो कौन है जो पार्टी की आखों में धूल झोंक रहा , कही दाल में कुछ काला तो नहीं
सहसपुर विधानसभा से बड़ी खबर
भाजपा की सहसपुर सीट में वर्तमान विधायक सहदेव पुंडीर को लेकर सहसपुर की जनता में खासा विरोध है ऐसे में बीजेपी से एक बड़ी खबर निकलकर आ रही है कि बीजेपी संगठन के एक पदाधिकारी का सहदेव को लेकर सॉफ्ट कार्नर है लेकिन कही बीजेपी को चुनावो में यही सॉफ्ट कॉर्नर भारी ना पड़ जाए।
जी हाँ ये बात हम ऐसे ही नहीं कह रहे है पारंपरिक रूप से सहसपुर बीजेपी की सीट है जरूर लेकिन जिस तरह से कांग्रेस ने इस सीट पर किलेबंदी की है और खास तौर पर आयेंद्र शर्मा इस सीट पर खासे मजबूत है उसको देखते हुए वर्तमान विधायक का कांग्रेस से पार पाना खासा नामुमकिन लग रहा है ।
वहीं बीजेपी बेल्ट के कई इलाकों में सहदेव पुंडीर का खासा विरोध होना पुरानी योजनाओ को भी पूरा ना करा पाना , पेयजल की योजनाओं को लेकर उदासीनता समेत ऐसे कई मामले हैं जिनको लेकर बीजेपी के विधायक सहदेव पुंडीर को लेकर बीजेपी के लिए रेड अलर्ट के सिग्नल आ रहे हैं ।वही सबसे बड़ा मामला शीशम बाड़ा ट्रेंचिंग का है जिसको सुलझा ना पाना सहदेव पुंडीर की सबसे बड़ी नाकामी के रूप में सामने आई है इसको लेकर सहसपुर विधानसभा की एक बड़ी जनसंख्या विधायक के विरोध में है क्योंकि उन्हें रोज दूषित हवाओ में जीना पड़ रहा हैं।
बीजेपी के सर्वे में भी ये सीट सी कैटेगरी की मानी गई है साफ है विधायक को लेकर गुस्सा जमकर सिर चढ़कर बोल रहा है ऐसे में अगर बीजेपी ने फिर वर्तमान विधायक पर दांव खेला तो पार्टी ये सीट गवा भी सकती है साफ है विधायक की एन्टी इनकंबेंसी इतनी ज्यादा है कि उनके साथ सालो से जुड़े मजबूत चेहरे भी उनकी खिलाफत में दिखाई दे रहे है
वही क्योंकि बीजेपी की ये पारंपरिक सीट है ऐसे में अगर बीजेपी किसी नए चेहरे को मौका दे दे तो पार्टी इस बार फिर जीत दर्ज कर सकती है इसका सबसे बड़ा उदाहरण 2007 में राजकुमार और 2012 के चुनाव में सहदेव को टिकट देकर पार्टी ने फ्रेश फेस देकर जीत दर्ज की थी ऐसे में पार्टी और सीट का पुराना इतिहास भी किसी नए चेहरे को मौका देने की तरफ इशारा करता है ।
वही अगर फिर भी पार्टी संगठन के इस पदाधिकारी के कहने पर अगर वर्तमान विधायक पर ही दाव खेलने का काम करती है तो पार्टी में भी एक बड़ी टूट संभव है कुछ खुले तौर पर तो कुछ छुपेरूप में पुंडीर को हराने का मन बना चुके है ।
