इगास’ पर समूण देकर उत्तराखंड में छा गया ‘बेडू’ ग्रुप, CM धामी ने की मुहिम की सराहना
रोट, अरसे, बाल मिठाई और सिंगोरी औऱ अपने हर्बल उत्पादों की कंडी देकर ‘बेडू ग्रुप‘ दे रहा संदेश
– मुख्यमंत्री ने की अपील संस्कृति और पहाड़ी उत्पादों का करें संरक्षण
– पीएम मोदी, सीएम धामी की लोकल फ़ॉर वोकल मुहिम को आगे बढ़ा रहा बेडू ग्रुप
देहरादून। मुख्यमंत्री आवास में बेडू ग्रुप से जुड़े अमित अमोली ने अपनी टीम के साथ मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी से भेंट कर इगास की ‘समूण भेंट‘ करने के साथ इस बार राजकीय अवकाश के लिए धन्यवाद अदा किया।

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने बेडू ग्रुप के स्थानीय उत्पादों को बढ़ावा देने के प्रयास की सराहना करते हुए इसे प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की “वोकल फ़ॉर लोकल” मुहिम की सार्थकता बताया। मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य में ‘इगास’ को लेकर इस बार कई बड़े सांस्कृतिक कार्यक्रम आयोजित हो रहे हैं, इसका स्वागत है, लेकिन इगास पर्व की सार्थकता तभी है, जब हम इस पर्व को अपनी संस्कृति, प्रकृति और उत्पादकता से जोड़ें।

भैला खेलने के साथ ही हमें संस्कृति का संरक्षण और संवर्द्धन के लिए भी आगे आना होगा। हमें इगास को उत्पादकता से जोड़ना होगा। मसलन यदि हम इस दिन अपने घर में तैका लगाते हैं, रोट या अरसा बनाते हैं तो कहीं न कहीं पहाड़ के व्यंजनों को प्रचार भी मिलेगा, और नई पीढ़ी का इन व्यंजनों से भी परिचय हो सकेगा। इसके साथ ही पारंपरिक लोक मिठाइयों बाल मिठाई, सिंगोरी सहित अन्य मिठाइयों से एक-दूसरे का मुंह मीठा करें तो इससे अच्छी बात कुछ और नहीं हो सकती। इससे ना सिर्फ स्थानीय उत्पादों को बढ़ावा मिलेगा बल्कि उसे जुड़े लोगों की आर्थिक ही भी मजबूत होगी। इगास खुशी का त्योहार है ऐसे में हम अपने रिश्तेदारों, दोस्तों और पड़ोसियों को यदि रोट, अरसे, बाल मिठाई, सिंगोरी सहित अन्य मिठाइयों देते हैं, तो संस्कृति का प्रचार-प्रसार भी होगा और पहाड़ उत्पादक भी बनेगा।
पहाड़ी जड़ी- बूटियों के इस्तेमाल से तैयार हो रहे बेडू के उत्पाद
बेडू द मिशन प्राइवेट लिमिटेड के ट्रेडिंग एंड प्रोडक्शन डायरेक्टर अमित अमोली ने बताया कि हमने बेडू के उत्पादों के जरिए एक छोटी सी पहल की है। बेडू ग्रुप में 100 से अधिक लोग जुड़े हुए हैं, और यह लोग कई तरह के साबुन, फेसवाश, शहद, तेल, शैम्पू, बॉडी लोशन, सनसस्क्रीन, स्क्रब, हर्बल सेनेटाइजर कंडाली की चाय, पहाड़ी अनाज का निर्माण कर रहे है। जिसमें भीमल से बने साबुन, बकरी के दूध से बने साबुन सहित कई जड़ी बूटियों का इस्तेमाल किया गया है। अमित अमोली ने मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी को अवगत कराया कि हमने लोकपर्व ‘इगास’ पर समाज के विभिन्न वर्गों के प्रमुख लोगों को बेडू के शुद्ध हर्बल उत्पादों के साथ ही रोट, अरसे और सिंगोरी, बाल मिठाई की कंडी बनाकर समूण के तौर पर देने का अभियान चलाया है। हालांकि हमारे पास सीमित संसाधन हैं, ऐसे में कम ही लोगों तक पहुंच बन रही है, लेकिन यदि अन्य सक्षम संस्थाएं जो अपनी माटी और थाती के लिए समर्पित हैं, इस तरह का समूण अभियान चलाएं या महिलाएं अपने घरों में ही अरसा, रोट बनाएं तो यह हमारी संस्कृति को बचाने के लिए सकारात्मक प्रयास होगा।

उत्तराखंड के मूलतः पहाड़ी जन सामान्य के बारे में अवधारणा है कि उत्तराखंड के लोग अपना बिजनेस नही कर पाते हैं, यहाँ के लोग जॉब करना ज्यादा पसंद करते हैं, लेकिन इस अवधारणा या कह सकते हैं कि इस मिथक को तोड़ा है बेडू द मिशन प्राइवेट लिमिटेड ने। इस पहली पहाड़ की कम्पनी ने वर्ष 2020 में नवरात्रि के शुभअवसर पर बेडू के मुख्य कार्यालय वाटिका कैम्प, बिजनी, पोस्ट मोहनचट्टी, यमकेश्वर पौड़ी में अपने उत्पादो को विधिवत और विधि विधान से मंत्रोच्चार के बाद बाजार में आम जनमानस के लिये किफायती दरों में उपलब्ध कराए थे।
बेडु के उत्पादों की अगर बात की जाय तो इसने शैम्पू, साबुन, तेल इत्यादि के उत्पाद में यहां पर्याप्त मात्रा में होने वाले भेमल के पेड़ के पत्ते, रेशे, बीज इत्यादि का भरपूर मात्रा में इस्तेमाल करते हुए इन उत्पादों को निर्मित किया है। जो यकीनन बेहतरीन माने जा रहे हैं। बेडू द मिशन निकट भविष्य में भेमल, षण, भांग इत्यादि के रेशों से वस्त्र उत्पाद भी करेगी जिसकी अंतरराष्ट्रीय बाजार में खूब डिमांड है। आप भी बेडू कंपनी से जुड़े और इन पहाड़ी उत्पादों को इस्तेमाल कर पहाड़ की इस छोटी सी मुहिम को आगे बढ़ाए।
