पूर्व प्रधानमंत्री लाल बहादुर शास्त्री जी की जयंती पर कोटि कोटि नमन
प्रभाकर हटवाल जी की कलम से लाल बहादुर शास्त्री जी पर सुंदर लेख
ऐसे थे शास्त्री
एकबार उन्होंने अपनी मां को नहीं बताया था कि वो रेल मंत्री हैं। कहा था कि “मैं रेलवे में नौकरी करता हूं”। वह एक बार किसी कार्यक्रम में आए थे, जब उनकी मां भी वहां पूछते पूछते पहुंची कि मेरा बेटा भी आया है, वह भी रेलवे में है।
लोगों ने पूछा क्या नाम है जब उन्होंने नाम बताया तो सब चौंक गए ” बोले यह झूठ बोल रही है”। पर वह बोली, “नहीं वह आए हैं”।
लोगों ने उन्हें लाल बहादुर शास्त्री जी के सामने ले जाकर पूछा,” क्या वही है?”
तो मां बोली “हां वह मेरा बेटा है”। लोग मंत्री जी से दिखाकर बोले “क्या वह आपकी मां है”? तब शास्त्री जी ने अपनी मां को बुलाकर अपने पास बिठाया।
पत्रकारों ने पूछा “आपने उनके सामने भाषण क्यों नहीं दिया”।
तो वह बोले- मेरी मां को नहीं पता कि मैं मंत्री हूं। अगर उन्हें पता चल जाए तो वह लोगों की सिफारिश करने लगेगी और मैं मना भी नहीं कर पाऊंगा और उन्हें अहंकार भी हो जाएगा। जवाब सुनकर सब सन्न रह गए।
ऐसे सच्चे, निःस्वार्थी, ईमानदार, सरल स्वभाव के स्वामी, कर्तव्यनिष्ठ भारत के पूर्व प्रधानमंत्री श्रद्धेय लाल बहादुर शास्त्री जी को उनकी ११८ वीं जयंती पर कोटि कोटि नमन।
