नशे के विरुद्ध लड़ाई, मेरी शुरुआत खुद से’ का संकल्प, 1,000 से अधिक विद्यार्थियों से हुआ संवाद- ललित मोहन जोशी
एडीजी डॉ. वी. मुरूगेशन ने राष्ट्रीय मोटरसाइकिल रैली को दिखाई हरी झंडी, सजग इंडिया ने दोहराया नशामुक्त उत्तराखंड का संकल्प
देहरादून, 17 अक्टूबर 2026 उत्तराखंड को नशामुक्त बनाने और युवाओं को नशे के दुष्परिणामों के प्रति जागरूक करने के उद्देश्य से शनिवार को पुलिस लाइन, देहरादून में ‘नशे के विरुद्ध लड़ाई, मेरी शुरुआत खुद से’ कार्यक्रम आयोजित किया गया। कार्यक्रम के मुख्य अतिथि अपर पुलिस महानिदेशक (अपराध एवं कानून व्यवस्था) डॉ. वी. मुरूगेशन ने राष्ट्रीय मोटरसाइकिल रैली को हरी झंडी दिखाकर रवाना किया। कार्यक्रम में 1,000 से अधिक स्कूली छात्र-छात्राओं ने प्रतिभाग किया और नशामुक्त समाज के निर्माण का संदेश दिया।
‘एक भारत, श्रेष्ठ भारत’ की भावना तथा राष्ट्रीय एकता दिवस 2026 के उपलक्ष्य में आयोजित इस रैली का उद्देश्य नशे के विरुद्ध जागरूकता का संदेश जन-जन तक पहुंचाना है। रैली के माध्यम से युवाओं और आमजन को नशे से दूर रहने, स्वस्थ जीवनशैली अपनाने तथा नशामुक्त समाज के निर्माण में सक्रिय भूमिका निभाने के लिए प्रेरित किया जाएगा। रैली राष्ट्रीय एकता दिवस के अवसर पर गुजरात पहुंचेगी।
सजग इंडिया 18 वर्षों से युवाओं के बीच चला रहा जागरूकता अभियान
कार्यक्रम में सजग इंडिया फाउंडेशन के अध्यक्ष एवं शिक्षाविद एडवोकेट ललित मोहन जोशी ने संस्था की ओर से पिछले 18 वर्षों से संचालित नशामुक्ति जागरूकता अभियान और युवा संवाद कार्यक्रमों की जानकारी साझा की। उन्होंने कहा कि विद्यार्थियों के साथ सीधा संवाद स्थापित कर उन्हें नशे के दुष्परिणामों, मानसिक एवं शारीरिक स्वास्थ्य पर पड़ने वाले प्रभावों और जीवन में सही निर्णय लेने के महत्व से परिचित कराना अभियान का प्रमुख उद्देश्य है।

ललित मोहन जोशी ने कहा कि “नशे के विरुद्ध लड़ाई की शुरुआत दूसरों से नहीं, बल्कि स्वयं से होनी चाहिए।” प्रत्येक युवा को नशे से दूर रहने का संकल्प लेने के साथ अपने मित्रों, परिवार और समाज को भी जागरूक करना चाहिए। उन्होंने कहा कि युवाओं की ऊर्जा को शिक्षा, खेल, कौशल विकास और राष्ट्र निर्माण की दिशा में लगाकर ही एक स्वस्थ, सशक्त और विकसित भारत का सपना साकार किया जा सकता है।
उन्होंने यह भी कहा कि नशामुक्ति केवल पुलिस या प्रशासन की जिम्मेदारी नहीं है। इसमें परिवार, विद्यालय, शैक्षणिक संस्थानों, सामाजिक संगठनों और प्रत्येक नागरिक की भागीदारी आवश्यक है। निरंतर युवा संवाद और सामूहिक प्रयासों से ही समाज में नशे के विरुद्ध सकारात्मक वातावरण तैयार किया जा सकता है।
विद्यार्थियों से सीधा संवाद, नशे से दूर रहने का संदेश
कार्यक्रम के दौरान स्कूली छात्र-छात्राओं के साथ विशेष संवाद सत्र आयोजित किया गया। मुख्य अतिथि डॉ. वी. मुरूगेशन, एडवोकेट ललित मोहन जोशी और अन्य वक्ताओं ने विद्यार्थियों को नशे के दुष्परिणामों, गलत संगति एवं साथियों के दबाव से बचने और जरूरत पड़ने पर परिवार, शिक्षकों तथा विश्वसनीय व्यक्तियों से सहायता लेने के महत्व के बारे में जागरूक किया। विद्यार्थियों के सवालों के जवाब देकर उन्हें जीवन में सकारात्मक विकल्प चुनने के लिए प्रेरित किया गया।
वक्ताओं ने कहा कि नशामुक्ति का संदेश केवल एक कार्यक्रम तक सीमित नहीं रहना चाहिए, बल्कि इसे निरंतर जनजागरूकता, संवाद और सामाजिक सहभागिता के माध्यम से आगे बढ़ाना जरूरी है। जागरूक युवा स्वयं नशे से दूर रहने के साथ अपने साथियों के लिए भी प्रेरणा बन सकते हैं।
पुलिस एवं प्रशासन के अधिकारी रहे उपस्थित
कार्यक्रम में जिला समाज कल्याण अधिकारी दीपांकर घिल्डियाल, वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक देहरादून प्रमेन्द्र डोभाल, एसपी सिटी शेखर सुयाल, एसपी जया बलूनी, डॉ. जैसलीन कालरा, डॉ. सिल्की अरोड़ा सहित पुलिस एवं प्रशासन के अन्य अधिकारी और संबंधित गणमान्य व्यक्ति उपस्थित रहे।
कार्यक्रम ने युवाओं को यह संदेश दिया कि नशामुक्त उत्तराखंड का निर्माण व्यक्तिगत संकल्प, जागरूकता और सामूहिक जिम्मेदारी से ही संभव है।

