अपर जिलाधिकारी ने किया मानसून तैयारियों एवं ड्रेनेज कार्यों का स्थलीय निरीक्षण
नई टिहरी| 04 जुलाई, 2026
मानसून सीजन को देखते हुए अपर जिलाधिकारी, टिहरी गढ़वाल शैलेंद्र सिंह नेगी द्वारा ऋषिकेश एवं मुनि की रेती क्षेत्र में सिंचाई विभाग द्वारा संचालित विभिन्न कार्यों का स्थलीय निरीक्षण किया गया। निरीक्षण के दौरान अधिकारियों को कार्यों को समयबद्ध एवं गुणवत्तापूर्ण ढंग से पूर्ण करने के निर्देश दिए गए।
अपर जिलाधिकारी ने चन्द्रभागा नदी में रेलवे पुल से आईएसबीटी पुल तक सिंचाई विभाग द्वारा कराए जा रहे चैनलाइजेशन कार्य का निरीक्षण किया। इस दौरान अधीक्षण अभियंता ने अवगत कराया कि नदी के चैनलाइजेशन का कार्य प्रगति पर है। अपर जिलाधिकारी ने संबंधित अधिकारियों को कार्य शीघ्र पूर्ण करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि चैनलाइजेशन कार्य पूर्ण होने के बाद क्षेत्र में बाढ़ के खतरे को कम करने में महत्वपूर्ण सहायता मिलेगी तथा जन-धन की सुरक्षा सुनिश्चित होगी।
इसके उपरांत अपर जिलाधिकारी ने मुख्यमंत्री घोषणा संख्या-80/2021 के अंतर्गत ऋषिकेश नगर से सटे मुनि की रेती नगर पालिका परिषद एवं तपोवन नगर पंचायत क्षेत्र में निर्मित वर्षा जल निकासी (ड्रेनेज) कार्यों का निरीक्षण किया। निरीक्षण के दौरान प्रथम चरण मुनि की रेती, द्वितीय चरण ढालवाला तथा तृतीय चरण चौदह बीघा एवं तपोवन क्षेत्र में निर्मित ड्रेनेज तंत्र का अवलोकन किया गया।
निरीक्षण में पाया गया कि सभी ड्रेनेज कार्य क्षेत्रीय आवश्यकताओं के अनुरूप तथा गुणवत्तापूर्ण ढंग से पूर्ण किए गए हैं। निर्मित ड्रेनों के माध्यम से बरसाती जल की निकासी का प्रभावी समाधान हो रहा है, जिससे मुनि की रेती एवं तपोवन क्षेत्रों में जलभराव की समस्या का सफलतापूर्वक निराकरण हुआ है। स्थानीय नागरिकों को मानसून के दौरान इससे विशेष राहत मिलेगी।
अपर जिलाधिकारी ने सिंचाई विभाग की प्रस्तावित ढालवाला बाढ़ सुरक्षा द्वितीय चरण योजना के कार्यस्थल का भी निरीक्षण किया। इस अवसर पर अधीक्षण अभियंता ने जानकारी दी कि योजना के अंतर्गत बाढ़ सुरक्षा दीवार एवं सड़क का निर्माण प्रस्तावित है। निरीक्षण के दौरान कार्यस्थल को योजना के लिए उपयुक्त पाया गया।
अपर जिलाधिकारी ने कहा कि योजना के क्रियान्वयन से क्षेत्र की बाढ़ सुरक्षा व्यवस्था और अधिक मजबूत होगी तथा प्रस्तावित सड़क भविष्य में वैकल्पिक मार्ग के रूप में भी उपयोगी सिद्ध होगी। इससे स्थानीय नागरिकों को आवागमन की बेहतर सुविधा मिलने के साथ ही आपदा एवं आपातकालीन परिस्थितियों में भी लाभ प्राप्त होगा।
