उत्तराखंड

बेसहारा बेटी के हाथ पीले करने को आगे आए सुरेंद्र सिंह रावत

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देवप्रयाग: बेसहारा बेटी के हाथ पीले करने को आगे आए सुरेंद्र सिंह रावत, निभाया बड़े भाई जैसा फर्ज; सौंपी आर्थिक मदद

देवप्रयाग/बडियार गढ़ । मानवता और सामाजिक सरोकारों की एक मिसाल पेश करते हुए रुक्मणी उत्कर्ष फाउंडेशन के संस्थापक सुरेंद्र सिंह रावत ने एक बार फिर समाज के प्रति अपनी जिम्मेदारी निभाते हुए एक निर्धन कन्या की मदद के लिए हाथ आगे बढ़ाया है।

​देवप्रयाग विधानसभा के अंतर्गत आने वाले बडियार गढ़ क्षेत्र की निवासी मोनिका, जिसके सिर से माता-पिता का साया उठ चुका है, का विवाह आगामी 7 मई को संपन्न होना है। आर्थिक तंगी के कारण विवाह की खुशियों पर चिंता के बादल मंडरा रहे थे, जिसे देखते हुए सुरेंद्र सिंह रावत रविवार को भारी बरसात के बीच स्वयं मोनिका के घर पहुंचे। उन्होंने एक बड़े भाई जैसा कर्तव्य निभाते हुए मोनिका को विवाह सहायता के रूप में ₹31,000 का चेक प्रदान किया।

*सामाजिक सेवा का अटूट संकल्प*

यह पहली बार नहीं है जब सुरेंद्र सिंह रावत ने किसी जरूरतमंद की मदद की हो। इससे पूर्व भी उनकी संस्था क्षेत्र में सक्रिय रूप से सामाजिक कार्यों में जुटी रहती है। कुछ माह पूर्व उन्होंने एक अन्य अनाथ बच्ची, रचिता, की आजीवन शिक्षा और देखभाल की पूरी जिम्मेदारी उठाते हुए उसे गोद लिया था। रावत का मानना है कि समाज के वंचित वर्ग का सहारा बनना ही सच्ची सेवा है।

*भावुक हुई मोनिका: “भाई के रूप में मिला सहारा”*

आर्थिक सहायता प्राप्त करने के बाद मोनिका की आंखें नम हो गईं। अपनी खुशी और आभार व्यक्त करते हुए मोनिका ने कहा कि मेरे माता-पिता इस दुनिया में नहीं हैं, और अपनी शादी को लेकर मैं बहुत चिंतित थी कि सब कैसे होगा। लेकिन आज सुरेंद्र भैया ने घर आकर जिस तरह से मेरी मदद की है, मुझे महसूस हुआ कि मेरा भी कोई बड़ा भाई है जो मेरे साथ खड़ा है। मैं और मेरा परिवार इस नेक कार्य के लिए सुरेंद्र सिंह रावत जी और उनकी संस्था का तहे दिल से धन्यवाद करते हैं।

सुरेंद्र सिंह रावत के इस कदम की बडियार गढ़ और पूरे देवप्रयाग क्षेत्र में जमकर प्रशंसा हो रही है। स्थानीय लोगों का कहना है कि राजनीति और दिखावे से दूर, धरातल पर इस तरह की मदद वाकई प्रेरणादायक है।

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