उत्तराखंड बिजली विभाग का बकायेदारों पर करोड़ों का बकाया
देहरादून।उत्तराखंड पावर कॉरपोरेशन लिमिटेड के मुताबिक वर्तमान समय में प्रदेश भर में प्रतिदिन 45 मिलियन यूनिट बिजली जरूरत होती है, जबकि 31.52 मिलियन यूनिट बिजली उपलब्ध है।हालांकि, बाकी की बिजली खरीदकर आपूर्ति की जाती है।जानकारी के मुताबिक पिछले 2 महीने में करीब 400 करोड़ की बिजली खरीदी गई है, जबकि सामान्य स्थिति में यूपीसीएल 300 करोड़ तक बिजली खरीदता है।
आपको जानकर हैरानी होगी कि उत्तराखंड बिजली विभाग का बकायेदारों पर करोड़ों का बकाया है. ऊर्जा निगम की तरफ से बकायदा अपनी ऑफशियल वेबसाइट पर भी ऐसे डिफॉल्टर्स की सूची जारी की गई है, जिन्होंने विभाग का पैसा दबाकर रखा है. इस लिस्ट में 2500 से ज्यादा ऐसे डिफॉल्टर्स है, जिन्हें 1 लाख से ज्यादा बकाया देना है. इसमें अधिकतर ₹5 लाख से अधिक के बकायेदार हैं. डिफॉल्टर्स की 54 पेज की सूची में ऐसे बकाएदार भी हैं जिन का बकाया ₹10 करोड़ से भी ज्यादा है. 60 पेज की दूसरी सूची में ऐसे डिफॉल्टर्स के नाम लिखे गए हैं, जिन्हें ₹2000 से ज्यादा की देनदारी करनी है. इसमें भी करीब 3 हजार संस्थान या लोग हैं जिन्हें यह बकाया देना है।
वित्तीय संकट से उबरने के लिए उत्तराखंड पावर कॉरपोरेशन लिमिटेड ने (UPCL) राज्य सरकार से ₹350 करोड़ की वित्तीय मदद मांगी थी. प्रबंध निदेशक अनिल कुमार यादव ने बताया कि निगम ने अब तक बैंकों से करीब 100 करोड़ रुपए का ओवरड्रा किया है. यूपीसीएल एफडी के एवज में 250 करोड़ तक का ओवरड्रा कर सकता है. यहां हैरान करने वाली बात यह है कि ऊर्जा निगम कई करोड़ के बकायेदारों से बकाया नहीं वसूल पा रहा है।
