उत्तराखंड

थानेश्वर महादेव मंदिर समिति की कार्यकारिणी भंग, अब ग्राम पंचायत थनूल संभालेगी जिम्मेदारी

Spread the love

पौड़ी। जनपद के पट्टी मनियारस्यूं स्थित ग्राम थनूल के प्राचीन सिद्धपीठ थानेश्वर महादेव मंदिर में आयोजित एक आवश्यक बैठक में बड़ा निर्णय लिया गया। मंदिर समिति के अध्यक्ष जगमोहन डांगी की अध्यक्षता में आहूत की गई बैठक में वर्तमान कार्यकारिणी को भंग कर दिया गया है।
नवीन कार्यकारिणी के गठन तक सम्पूर्ण मंदिर की संपदा तथा सुरक्षा की जिम्मेदारी ग्राम पंचायत थनूल को सौंप दी गई है।
ज्ञात हो विभिन्न स्त्रोतों से निर्मित एवं सौंदर्यकरण तथा विकसित मंदिर परिसर में आज भी विद्यमान दृष्टिगोचर हो रहा है।
बैठक में बताया गया कि मंदिर का संरक्षण और विकास ग्राम पंचायत की नैतिक जिम्मेदारी है,क्योंकि यह धार्मिक धरोहर पंचायत क्षेत्र के अंतर्गत आधीन आता है।
अब तक मंदिर सौंदर्यीकरण एवं मंदिर परिसर के विकास लिए विभिन्न जनप्रतिनिधियों का सहयोग से सरकारी मद के अलावा मंदिर के प्रति श्रद्धा रखने वाले दानी दाताओं के दान से व जनप्रतिनिधियों के सहयोग से सरकारी धन से सृजित हुआ है। जिसमें विशेष कर ग्राम पंचायत थनूल का प्रमुख योगदान रहा है।
कार्यकारिणी भंग करने से पूर्व समिति द्वारा मंदिर समिति के पदाधिकारियों के समुख वित्तीय वर्ष का आय-व्यय सभा पटल पर रखा गया। हालांकि पारदर्शिता के लिए आय व्यय की लेखा जोखा सोशल नेटवर्किंग से पहले ही सार्वजनिक भी किया जा चुका है। बैठक में यह भी मुद्दा उठा कि मंदिर में घेरलू दर पर उपयोग किया जाने वाला विद्युत कनेक्शन होने के बावजूद धार्मिक आयोजनों के दौरान अधिक लोड के कारण बिजली बिल करीब वर्तमान रीडिंग के मुताबिक़ 8 हजार तक पहुंच गया,जिसका भुगतान किया जाना है।
इसके अलावा 9 अप्रैल से क्षेत्र की एक नव गठित सामाजिक संस्था जिसका मुख्यालय ग्राम थनूल है। उक्त संस्था द्वारा मंदिर परिसर में शिव महापुराण कथा आयोजन करवाया जा रहा है इसकी सूचना मंदिर समिति को सोशल मीडिया से जानकारी मिली है। इतने बड़े धार्मिक आयोजन को लेकर एक बार भी उक्त समाजिक संस्था ने मंदिर समिति से अनुमति लेना जरूरी नहीं समझा समिति ने इसे नियमों के विरुद्ध बताते हुए आपत्ति जताई और आशंका व्यक्त की कि कुछ लोग मंदिर पर नियंत्रण स्थापित करना चाहते हैं। पंचायत चुनावों के बाद गांव में गुटबाजी के चलते मंदिर में भी राजनीति हावी होने की बात कही गई।
समिति ने स्पष्ट किया कि आयोजन के दौरान मंदिर परिसर में किसी भी प्रकार की क्षति या विवाद की उपजेगा तो संपूर्ण जिम्मेदारी संबंधित संस्था की होगी। बिना अनुमति के मंदिर परिसर पर धार्मिक आयोजन को लेकर विधिक राय भी ली जा रही है।
बैठक में प्रतिभाग करने वाले मंदिर समिति के संरक्षण बीएस नयाल,कार्यकारी अध्यक्ष मनमोहन सिंह रावत,ग्राम पंचायत प्रधान एवं मंदिर समिति के उपाध्यक्ष देवेंद्र सिंह रावत,कोष अध्यक्ष मंगल सिंह लिंगवाल,सचिव दिगम्बर सिंह नेगी,सह सचिव ऋषिबल्लभ डुकलाण,रवींद्र सिंह रावत, यशवंत सिंह रावत,पंडित कैलाश चंद्र थपलियाल,महिला मंगल दल अध्यक्ष श्रीमती बसंती देवी,पूर्व प्रधान श्रीमती उमा देवी,पूर्व प्रधान श्रीमती विजय लक्ष्मी रावत,श्रीमती बीना देवी आदि के हस्ताक्षर थे।

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *