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उत्तराखण्ड विधानसभा चुनाव 2022 में इस बार हर मतदाता दस्ताने पहनकर डालेगा वोट

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देहरादून।

उत्तराखंड प्रदेश-  उत्तराखण्ड में आगामी विधानसभा चुनाव के मद्देनजर लगातार बढ़ रहे कोरोना के खतरे से निपटने के भी पूरे इंतजाम चुनाव आयोग की ओर से किए गए हैं। एक ओर जहां हर मतदाता को आयोग की तरफ से दस्ताने दिए जाएंगे तो दूसरी ओर पोलिंग पार्टियों को भी सुरक्षित करने के लिए पीपीई किट और सैनिटाइजर दिए जाएंगे। दूसरी ओर, मतदान में केवल उन्हीं कर्मचारियों की ड्यूटी लगेेगी, जिन्हें कोविड वैक्सीन की दोनों डोज लगी होंगी।
               विधानसभा चुनाव में कोरोना से बचाव के बारे में मुख्य निर्वाचन अधिकारी सौजन्या ने बताया कि अभी तक प्रदेश में करीब 99.9 प्रतिशत कर्मचारियों को कोविड की पहली डोज लग चुकी है जबकि करीब 78 प्रतिशत कर्मचारियों को ही दूसरी डोज लगी है। उन्होंने स्वास्थ्य विभाग को पत्र भेजा है कि सभी कर्मचारियों को जल्द दूसरी डोज भी दी जाएगी क्योंकि मतदान में केवल उन्हीं कर्मचारियों की ड्यूटी लगेगी, जिन्हें कोरोना वैक्सीन की दोनों डोज लगी होंगी।

               मुख्य निर्वाचन अधिकारी सौजन्या ने बताया कि कोविड से बचाव के लिए सभी पोलिंग बूथों पर भी विशेष इंतजाम होंगे। इसे तहत पोलिंग में लगे सभी कर्मचारियों को पीपीई किट पहनाई जाएगी। जबकि वोट डालने आने वाले हर मतदाता के लिए ग्लव्स और सैनिटाइजर की सुविधा होगी। हर वोटर स्याही लगाने के बाद ग्लव्स पहनकर ही ईवीएम का बटन दबाएगा। 
कोविड मरीजों को घर से वोट का विकल्प
              कोविड के कारण अस्पताल में भर्ती या कोविड संदिग्ध होने की वजह से होम क्वारंटीन मरीजों को पहली बार पोस्टल बैलेट का विकल्प दिया जाएगा। मुख्य निर्वाचन अधिकारी सौजन्या ने बताया कि जिन कोविड पॉजिटीव मरीजों को पोस्टल बैलेट दिया जाएगा, उनके मतदान की पूरी प्रक्रिया भी स्वास्थ्य विभाग के चिकित्सकों की नजर में पूर्ण होगी। पोस्टल बैलेट वाली टीम पीपीई किट पहनकर जाएगी। इसके बाद कोविड पीड़ित या क्वारंटीन मतदाता भी पीपीई किट पहनकर, ग्लव्स पहनकर, सैनिटाइजर का इस्तेमाल करने के बाद पोस्टल बैलेट पर मतदान करेगा। इसकी पूरी वीडियोग्राफी होगी। इसके साथ ही विशेष सुरक्षा उपायों के साथ यह पोस्टल बैलेट स्ट्रांग रूम तक पहुंचेंगे।
दो लाख से ज्यादा मतदाताओं को घर से वोट का मौका
प्रदेश के दो लाख से अधिक वरिष्ठ नागरिकों (80 वर्ष से अधिक) और दिव्यांगों को इस बार विधानसभा चुनाव में पोस्टल बैलेट की सुविधा दी जाएगी। वहीं, अति आवश्यक सेवा से जुड़े लोगों को भी पोस्टल बैलेट की सुविधा देने की कवायद जारी है।
मुख्य निर्वाचन अधिकारी सौजन्या ने बताया कि प्रदेश में 80 से अधिक आयु वर्ग के कुल एक लाख 58 हजार 742 मतदाता हैं, जिनमें 68 हजार 428 पुरुष, 90 हजार 312 महिला और दो अन्य श्रेणी के मतदाता हैं। इसी प्रकार, 40 प्रतिशत से अधिक बेंचमार्क वाले प्रदेश में 68 हजार 478 दिव्यांग मतदाता हैं। इनमें 43 हजार 672 पुरुष और 24 हजार 805 महिला मतदाता हैं। एक अन्य की श्रेणी में है। उन्होंने बताया कि इन सभी को पोस्टल बैलेट की सुविधा दी जाएगी। इसके साथ ही विभाग की ओर से अति आवश्यक सेवाओं से जुड़े मतदाताओं के लिए भी पोस्टल बैलेट सुविधा देने के लिए मुख्य चुनाव आयुक्त कार्यालय को पत्र भेजा गया है। कोविड पीड़ित और कोविड संदिग्धों के लिए पहले ही पोस्टल बैलेट का विकल्प दे दिया गया है। 
दिव्यांगों, गर्भवतियों को डोली की सुविधा
           सल्ट विधानसभा उप चुनाव में प्रयोग सफल होने के बाद कई क्षेत्रों में गर्भवती महिलाओं और दिव्यांगों को पोलिंग बूथ तक लाने के लिए डोली की सुविधा भी दी जाएगी। मुख्य निर्वाचन अधिकारी सौजन्या के मुताबिक, इसके लिए भी पहले से ही इंतजाम कर दिया जाएगा।
ऐसे मिलेगी पोस्टल बैलेट की सुविधा
            पोस्टल बैलेट की सुविधा का लाभ लेने के लिए फॉर्म 12-डी भरना होगा। यह फॉर्म बीएलओ की ओर से संबंधित मतदाता को उपलब्ध कराते हुए इसकी पावती लेनी होगी। बीएलओ अपने बूथ के क्षेत्र की सभी पावतियों को आरओ को उपलब्ध कराएंगे। अगर कोई निर्वाचक उपलब्ध नहीं है तो अधिसूचना के पांच दिन के भीतर बीएलओ को वहां से दोबारा जाकर पावती लेनी होगी। इसके बाद अधिसूचना के पांच दिन के भीतर ही बीएलओ को भरा हुआ फॉर्म 12-डी एकत्र करके आरओ तक पहुंचाना होगा। इनकी एक सूची तैयार होगी। यह सूची राजनीतिक दलों को भी उपलब्ध कराई जाएंगी। इस आधार पर ही पोस्टल बैलेट डलवाया जाएगा।

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