यमकेश्वर विधानसभा भाजपा प्रभारी देवेन्द्र ठाकुर को गंगाभोगपुर के ग्रामीणों ने लिखा रोष भरा पत्र, चुनाव बहिष्कार और धरना प्रदर्शन की दी चेतावनी
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यमकेश्वर।
यमकेश्वर विधानसभा क्षेत्र की किमसार न्याय पंचायत की सबसे बड़ी ग्राम सभा गंगाभोगपुर मल्ला एवं तल्ला निवासियों ने यमकेश्वर विधानसभा प्रवासी प्रभारी देवेन्द्र ठाकुर को पत्र प्रेषित करते वर्तमान विधायक ऋतु खण्डूरी के प्रति रोष व्याप्त किया है, और विधानसभा चुनाव के बहिष्कार करने को मजबूर होने के लिए वर्तमान विधायक को जिम्मेदार ठहराया है। स्थानीय ग्रामीणों ने अपने पत्र के माध्यम से कहा कि यह क्षेत्र भाजपा का सबसे बड़ा मजबूत गढ़ माना जाता है। लेकिन लम्बे समय से हमारी निष्ठा व भाजपा के प्रति समर्पण भाव की कोई कदर नहीं की गयी, तथा हर बार केवल विकास के नाम पर आश्वासन और घोषणाओं के नाम से हमारे अरमानों का गला घोटा जाता रहा है। हमारे क्षेत्र की तीन महत्वपूर्ण मॉगे हैं, जिनके लिए क्षेत्रीय जनता ने 06 माह तक धरना प्रदर्शन एवं क्रमिक अनशन किया तथा 09 दिन का आमरण अनशन किया, सैकड़ों बार क्षेत्रीय प्रतिनिधि मण्डल, शासन, प्रशासन, विधायक, सांसद मंत्री, मुख्यमंत्री के पास गये लेकिन प्रतिफल शून्य रहा।
ग्रामीणों ने वर्तमान विधायक पर आरोप लगाते हुए कहा कि क्षेत्रीय विधायक के द्वारा जनता की समस्या सुनना समझना तो दूर की बात है, सीधे मुॅह भी बात नहीं की जाती, चुनाव से पूर्व क्षेत्रीय विधायक द्वारा अपने घोषणा पत्र एवं विभिन्न जनसभाओं में हमारी जनहित की समस्याओं को शीर्ष क्रम में स्थान दिया गया तथा विधायक बनने के बाद आज तक समस्या यथावत है।

प्रभारी को लिखे पत्र में गंगाभोगपुर के जनमानस ने लिखा है कि गंगाभोगपुर तल्ला के तट निर्माण कार्य किया जाना जरूरी है। वर्ष 2013 की आपदा में तल्ला गंगाभोगपुर में गंगा नदी की सीमा पर लगे होने के कारण लगभग 500 मीटर कटान हो गया जिससे ग्रामीण वासियों का जीवन संकटमय हो गया। हर साल बरसात में नदी गॉव की तरफ कटान कर रही है। गॉव को जोड़ने वाली सड़क भी आपदा के भेंट चढ गयी जिससे आवागमन पूरी तरह प्रभावित है। इस संबंध में क्षेत्रीय विधायक को कई बार कहा गया किंतु उन्होंने इस पर ध्यान नहीं दिया।

वहीं दूसरे महत्वपूर्ण मुद्दा कौड़िया किमसार मोटर मार्ग का डामरीकरण करने हेतु जनता के द्वारा आंदोलन और धरना प्रदर्शन और आमरण अनशन किया गया था। डांडामण्डल को जोड़ने वाला उक्त मार्ग का 30 साल बने होने के बाद भी डामरीकरण नहीं हुआ है। इस सबंध में घोषणा की गयी थी किंतु वह केवल घोषणा बन कर रह गयी। इसके साथ ही तीसरा मुख्य मुद्दा बीन नदी पुल का निर्माण है। ग्रामीणों ने आरोप लगाया कि हर चुनाव में यह राजनीतिक दलों का मुख्य मुद्दा रहा है। हालांकि उक्त मोटर पुल हेतु टेण्डर प्रक्रिया गतिमान है और क्षेत्रीय विधायक के मुताबिक यथाशीघ्र ही इसका शिलान्यास किया जाना है।
ग्रामीणों के द्वारा क्षेत्रीय विधायक पर आरोप लगाते हुए लिखा है कि ़क्षेत्रीय विधायक की जनता के प्रति उदासीनता का रवैया है। उन्होने कहा कि यह बात विरोध और रोष का सबसे बड़ा प्रमुख कारण है, क्षेत्रीय विधायक जनता के प्रति मधुर व्यवहार न होना , जनप्रतिनिधियों के द्वारा क्षेत्रीय समस्याओं को उजागर करने पर उनसे सही व्यवहार न करना आदि प्रमुख बाते लिखी गयी हैं।
इस सबंध में यमकेश्वर विधायक ऋतु खण्डूरी का कहना है कि जहॉ तक मेरे स्वभाव की बात है तो मैं स्पष्ट तौर पर कहना चाहॅूगी कि मैं स्पष्टवादी हॅू और मैं कार्यो को करने या लटकाने के लिए ओछी राजनीति करना नहीं पसंद करती हॅू,। यदि मेरे अंदर अहम होता तो मैं यमकेश्वर के दूरस्थ गॉवों में भ्रमण करने से एंव रूकने से बचती लेकिन मैं सब जगह हर परिस्थिति में हर वर्ग के साथ एक समान व्यवहार करती हॅू। अतः उक्त सभी आरोप निराधार हैं।
अब आगामी चुनाव में उक्त पत्र का क्या कुछ असर पड़ता है यह देखने वाली बात होगी और बीजेपी किस तरह से ग्रामीणों और बीजेपी के गढ माने जाने वाली गंगाभोगपुर विधानसभा में इस डैमेज को किस तरह से कंट्रोल करती है, यह आने वाला समय ही निर्धारित करेगा। उक्त पत्र में हस्ताक्षर करने वाले मतदाताओं में सतेन्द्र चौधरी, ग्राम प्रधान तल्ला गंगा भोगुपर, संदीप अध्यक्ष युवा मंगल दल गंगाभोगपुरद सतीष चन्द्र भट्ट, अर्जुन सिंह भण्डारी, पूर्व सैनिक, सुबोध राणा, सुमा देवी आदि सहित लगभग 50 से अधिक लोगों ने हस्ताक्षर किये हैं।
