यहाँ अधिकारी की बेकाबू कार ने सड़क किनारे टहल रही महिला व दो मासूम बच्चियों को रौंदा, तीनों की हुई दर्दनाक मौत
नई टिहरी: उत्तराखंड के नई टिहरी जिले से बड़ी दर्दनाक हादसे की खबर आ रही है। जिसमें दो बच्चियों समेत तीन लोगों की मौत हो गई है । नई टिहरी जिला मुख्यालय के बौराड़ी में पैदल टहल रही एक महिला और उसकी दो भतीजियों को एक तेज रफ्तार कार ने बुरी तरह कुचल दिया। दुर्घटना में महिला के मौके पर ही मौत हो गई, जबकि बच्चियों ने अस्पताल में दम तोड़ दिया। इसके अलावा कार की चपेट में दो अन्य लोग भी आए, जिन्हें हल्की चोटें आई हैं। पुलिस ने आरोपी कार चालक को गिरफ्तार कर दिया है।
एएसपी जेआर जोशी ने बताया कि सोमवार शाम को बौराड़ी निवासी महिला रीना नेगी (36) पत्नी रविन्द्र सिंह नेगी अपनी दो भतीजियों अग्रिमा (10) और अन्विता (7) दोनों पुत्री सुरेंद्र सिंह नेगी के साथ नगर पालिका कार्यालय रोड पर शाम के समय टहल रहे थे।
बताया जा रहा है शाम करीब सात बजे तेज गति से वाहन चलाकर जा रहे डीपी चमोली खंड (विकास अधिकारी जाखणीधार) ने तीनों को कुचल दिया। जिससे महिला की मौत हो गई, जबकि बच्चियां गंभीर घायल हो गई उनको उपचार के लिए जिला अस्पताल ले गए, लेकिन डॉक्टरों ने उन्हें भी मृत घोषित कर दिया। इस दौरान अस्पताल में भी बड़ी संख्या में लोगों की भीड़ जुटी रही।बताया कि आरोपी चालक को गिरफ्तार कर लिया गया है। उसे कोर्ट में पेश किया जा रहा है। घटना से पूरे क्षेत्र में मातम छा गया। मृतक महिला का पति बौराड़ी में ही व्यवसाय करता है। जबकि बच्चियों के पिता सुरेंद्र नेगी सोशल फाइनेंस में नौकरी करते हैं।
बताया जा रहा है जिला मुख्यालय के बौराड़ी में नगर पालिका के समीप खंड विकास अधिकारी की कार- uk09-9970 तेज स्पीड में चला कर लोगों को रौंद दिया। जिनमें 3 लोगों रीना देवी पत्नी रविन्द्र सिंह,अग्रिमा 10 वर्ष अविनता 7 वर्ष ,की मौके पर ही मौत हो गई जबकि 2 लोग घायल हो गए, आसपास के लोगों ने 5 लोगों को जिला अस्पताल पहुंचाया, घायल 2 लोगों का अस्पताल में इलाज चल रहा है जबकि 3 लोगों की मौत हो चुकी है।
इस तरह की दुर्घटनाओं का होना कही न नही प्रशासन की कमी दर्शाती है। क्योंकि आज हर किसी ख्वाहिश है कि उसके पास कार हो और आराम से 40 हजार से 4 लाख तक मे अच्छी हालत में कार मिल जाती है। लेकिन उसे चलाने के लिए ज्ञान भी जरूरी है मतलब कार चलाने में परफेक्ट बनना भी जरूरी है जो ये लोग नही बनते है दोस्त यारो से कुछ दिन कार सीखकर खुद ही वाहन चलाने लगते है। जिसका हस्र यही होता है जो बेकसूर लोगों को मौत की नींद सुला दे है ऐसे लोग। पहाड़ो पर प्रशासन इन बातों पर ध्यान नही देते है।
