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आज हजारों की संख्या में श्रद्धालुओं ने श्री नीलकंठ महादेव का किया जलाभिषेक

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नव वर्ष  1 जनवरी 2024 सोमवार को किया हजारों की संख्या में श्रद्धालुओं ने किया नीलकंठ महादेव में जलाभिसेख किया।

ऋषिकेश में स्वर्गाश्रम से करीब 22 किलोमीटर की दूरी पर श्री नीलकंठ महादेव मंदिर का मंदिर है।

सभी भक्तगण भगवान शिव को गंगा जल चढ़ाते हैं और साथ ही साथ अपनी मनोकामना पूर्ति के लिए मंदिर परिसर में धागा बांधते हैं।

देहरादून/ऋषिकेश। उत्तराखंड के ऋषिकेश में कई पावन तीर्थ स्थल हैं। जहां हर माह हजारों की संख्या में लोग यहां घूमने आते हैं। यहां कई सारे मंदिर और घाट स्थापित हैं।

जबकि हर मंदिर का अपना इतिहास और अपना महत्व है। जबकि श्री नीलकंठ महादेव मंदिर का भी अपना एक इतिहास है। यहां आने वाले सभी भक्तगण भगवान शिव को गंगा जल चढ़ाते हैं और साथ ही साथ अपनी मनोकामना पूर्ति के लिए मंदिर परिसर में धागा बांधते हैं. मन्नत पूरी होने पर वे धागा खोलने आते हैं।

इसी क्रम में नीलकंठ मंदिर के समीप ही श्री सिद्ध बली बाबा का प्राचीन मंदिर है जहां पर साधु संतो के द्वारा हाथ में कलावा बांधा जाता है। जिसके पश्चात ही श्रद्धालुओं की यात्रा संपूर्ण होती है।

ऋषिकेश से करीब 22 किलोमीटर की दूरी पर नीलकंठ मंदिर स्थित है इस मंदिर काफी मान्यता है। मंदिर के महंत बताते हैं कि समुद्र मंथन के दौरान भगवान शिव ने समुद्र मंथन से निकले विष कालकूट को अपनी हथेली पर समेटकर पी लिया था।

उन्होंने अपनी शक्ति के प्रभाव से उस विष को अपने कंठ तक ही सीमित रखा और गले से नीचे नहीं जाने दिया इसीलिए उन्हें नीलकंठ महादेव कहा जाता है। विष ग्रहण करने के बाद वह ऐसे स्थान की तलाश में थे, जहां उन्हें शीतल वायु मिले घूमते घूमते वह मणिकूट पर्वत पहुंचे और वहां उन्हें शीतलता मिली।

मान्यता है कि भगवान महादेव ने 60,000 वर्ष तक इसी स्थान पर समाधि लगा कर बैठे थे इसीलिए स्थान को श्री नीलकंठ महादेव मंदिर के रूप में जाना जाता है।

आगे बताते हैं कि माता पार्वती संग सभी देवी-देवता भगवान शिव को खोजने में जुट गए जब उन्हें पता चला कि भोलेनाथ मणिकूट पर्वत पर ध्यानमग्न हैं, तो मां पार्वती वहां पहुंचीं और वहीं अपना आसन लगाकर भगवान शिव के पास बैठ गईं।

जिस स्थान पर माता पार्वती बैठी थीं, उस स्थान पर नीलकंठ के निकट ही पार्वती मंदिर की स्थापना की गई है। इस मंदिर में सच्चे मन से मांगी गई हर मनोकामना पूरी होती है।

अगर आप ऋषिकेश घूमने आ रहे हैं, तो श्री नीलकंठ महादेव मंदिर एवम श्री सिद्ध बली मंदिर के दर्शन जरूर करें।

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