उत्तर प्रदेशउत्तराखंडपर्यटनराष्ट्रीय

कर्तव्य पथ पर इस साल भी नहीं दिखेगी राजस्थान की झांकी

Spread the love

नई दिल्ली। आजादी के अमृत महोत्सव के स्वर्णिम दौर में इस वर्ष भारत अपना 74 वां गणतंत्र दिवस मनाएगा लेकिन इस बार भी गणतंत्र दिवस परेड में देश के सबसे बड़े आकार वाले प्रदेश राजस्थान सहित कुछ अन्य प्रदेशों की झाकियाँ कर्तव्य पथ पर चलती हुई नहीं दिखेंगी।

राजस्थान की झाँकी गत वर्ष भी राजपथ से नही गुजरी थी और अब जब प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने इस पथ का नाम बदल कर्तव्य पथ रखा है तब भी रंग बिरंगें राजस्थान की झाँकी का सूनापन जारी रहेगा। अंतिम बार कोरोना महामारी से पहलें 2019 में राजस्थान की झाँकी निकली थी। प्रदेश के नोडल विभाग राजस्थान ललित कला अकादमी के एक अधिकारी ने बताया कि पिछलें दो वर्षों से केन्द्र सरकार की ओर से झाँकी निकालने का प्रस्ताव भेजने की सूचना भी नही मिल रही है। इस बार संयोग से राजस्थान के साथ कांग्रेस शासित दूसरे प्रदेशों छत्तीसगढ़ एवं हिमाचल प्रदेश की झाँकियां भी गणतंत्र दिवस की परेड का हिस्सा नहीं होंगी।

प्राप्त जानकारी के अनुसार गणतंत्र दिवस परेड में इस बार कुल?16 राज्यों और विभिन्न मंत्रालयों की झांकियां निकलेगी। जिनमें जिन राज्यों की झांकियां शामिल होंगी उनमें आंध्र प्रदेश, अरुणाचल प्रदेश, असम,दादर-नागर-दमन द्वीप, गुजरात, हरियाणा, जम्मू कश्मीर, झारखंड, केरल, लद्दाख, महाराष्ट्र, तमिलनाडू, त्रिपुरा, उत्तर प्रदेश, उत्तराखंड और पश्चिम बंगाल आदि शामिल हैं। गत वर्ष 2022 में सेंट्रल विस्टा का काम चलने के कारण स्थानाभाव में 12 राज्यों को ही अपनी अपनी झांकियां पेश करने का अवसर दिया गया था।

इस बार आर डी परेड में जो प्रदेश झांकियां ले कर आ रहे हैं उनमें से एक भी राज्य कांग्रेस शासित नहीं है। साथ ही दिल्ली में दिल्ली प्रदेश की झांकी भी नही दिखेंगी । साथ ही बिहार और पंजाब जैसे गैर एनडीए शासित प्रदेशों को भी स्थान नही मिला हैं हालांकि इस बार परेड में भाजपा शासित कर्नाटक और मध्यप्रदेश आदि प्रदेशों की झांकियां भी नहीं सजेगी।

इन दिनों देश की राजधानी नई दिल्ली के साथ ही देशभर में गणतंत्र दिवस समारोह की तैयारियाँ अंतिम चरण पर है। नई दिल्ली में विकसित हों रहें सेंट्रल विस्टा के नए रंग रूप वाले कर्तव्य पथ पर मुख्य परेड की जोरशोर से तैयारियाँ हों रही हैं। इस बार परेड में मिस्र के?राष्ट्रपति अब्देल फतह अल सिसी बतौर मुख्य अतिथि शामिल?होंगे।

उल्लेखनीय है कि भारत सरकार की रक्षा मंत्रालय की एक उच्च स्तरीय समिति प्रदेशों की झांकियां के प्रस्ताव को कई दौर की बैठकों में अपने निर्धारित मानदण्डों के अनुरूप जाँचने परखने के बाद सलेक्ट या रिजेक्ट करती हैं। माना जाता हैकि गणतंत्र दिवस परेड के इस भव्य समारोह में हर प्रदेश को अपने राज्य के ऐतिहासिक, हेरिटेज और सांस्कृतिक वैभव को प्रदर्शित करने का अवसर प्रदान किया जाता हैं।

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *