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उत्तराखंड के जोशीमठ में दरार ने बढ़ाई चिंता,इन बड़े प्रोजेक्ट पर लगी रोक

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चमोली गढ़वाल।

जोशीमठ में भू-धंसाव की समस्या को देखते हुए जिला प्रशासन ने बड़ा फैसला लिया है. जिला प्रशासन ने हेलंग बाईपास और एनटीपीसी तपोवन विष्णुगाड जल विद्युत परियोजना के निर्माण कार्यों पर रोक लगा दी है. यह रोक अग्रिम आदेशों तक जारी रहेगी. वहीं, जोशीमठ में भू-धंसाव को देखते हुए गढ़वाल आयुक्त सुशील कुमार, आपदा प्रबंधन सचिव रंजीत कुमार सिन्हा सहित विशेषज्ञों की टीम ने प्रभावित क्षेत्रों का सर्वेक्षण किया।

जोशीमठ में भू-धंसाव की समस्या के दृष्टिगत जिला प्रशासन ने बीआरओ के अन्तर्गत निर्मित हेलंग वाई पास निर्माण कार्य तथा एनटीपीसी तपोवन विष्णुगाड जल विद्युत परियोजना के अन्तर्गत निर्माण कार्यो पर अग्रिम आदेशों तक तत्काल प्रभाव से रोक लगा दी है।

जोशीमठ मे लगातार हो रहे भूधसाव को देखते हुए जोशीमठ की जनता ने अपने राष्ट्रीय राजमार्ग मे चक्काजाम लगा कर व्यापारियों ने अपने प्रतिष्ठान बंद रखे।

बता दे कि जोशीमठ मे लगातार भूधसाव होने के चलते लोगो के मकानों मे दरार आने से लोग डर के साये मे जीने को मजबूर है।

आक्रोशित लोगों ने टीसीपी के पास चक्काजाम कर सरकार व प्रशासन के खिलाफ जमकर नारेबाजी की। स्थानीय लोगों का कहना है कि प्रभावितों की सभी मांगे पूरी की जाय। जब तक सरकार हमारी मांगे पूरी नही करती है. तो आगे बड़ा आंदोलन किया जाएगा। और जब तक प्रशासन से सकारात्मक जबाब लिखित रूप से नही मिलता है। तब तक चक्काजाम जारी रहेगा।

*जोशीमठ पहुंची विशेषज्ञों की टीम* गुरुवार को गढ़वाल कमिश्नर सुशील कुमार, आपदा प्रबंधन सचिव रणजीत कुमार सिन्हा, आपदा प्रबंधन के अधिशासी अधिकारी पीयूष रौतेला, एनडीआरएफ के डिप्टी कमांडेंट रोहितास मिश्रा, भूस्खलन न्यूनीकरण केंद्र के वैज्ञानिक सांतनु सरकार, आईआईटी रुड़की के प्रोफेसर बीके माहेश्वरी समेत तकनीकी विशेषज्ञों की पूरी टीम जोशीमठ पहुंच गई है. वहीं, गढ़वाल कमिश्नर और आपदा प्रबंधन सचिव ने तहसील जोशीमठ में अधिकारियों की बैठक लेते हुए स्थिति की समीक्षा की. विशेषज्ञों की टीम ओर से भी प्रभावित क्षेत्रों का विस्तृत सर्वेक्षण किया जा रहा है।

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