मौसम साफ रहने से केदारनाथ धाम में पड़ी बर्फ पूरी तरह पिघली, आगामी दिनों में मौसम में आ सकता है बदलाव
यही हाल लघुढाल विभाग की भटनगर सिंचाई लिफ्ट पंप योजना का भी है। वर्तमान में लंबे समय से योजना के पाइप क्षतिग्रस्त पड़े हुए हैं। किसान कंचन कनवासी, विजया गुसाईं, जसदेई देवी, पूनम थपलियाल, उमराव सिंह नेगी, रघुनाथ बिष्ट आदि का कहना है कि पनाईं नहर व सिंचाई लिफ्ट पंप योजना के पाइपों के क्षतिग्रस्त होने से उनके सामने सिंचाई का संकट पैदा हो गया है।
पर्वतीय क्षेत्रों में कहीं-कहीं आंशिक बादल छाए रह सकते हैं। तापमान में नवंबर अंत तक एक से दो डिग्री सेल्सियस तक की गिरावट आ सकती है। गौचर पनाईं सिंचाई नहर के मलबे व झाड़ियों से पटी होने तथा सिंचाई लिफ्ट पंप की पाइप लाइनों के क्षतिग्रस्त होने से किसानों के सामने सिंचाई का संकट पैदा हो गया है।गौचर पनाईं सिंचाई नहर जगह-जगह क्षतिग्रस्त हो रखी है। सिंचाई के अभाव में किसान समय पर न तो फसलों की बुवाई कर पाते हैं और न ही सिंचाई।
