अध्यक्ष रितु खंडूरी के निजी स्टाफ को लेकर मचा जमकर घमासान , जमकर लिस्ट हो रही वायरल
उत्तराखंड में विधानसभा बैक डोर भर्ती घोटाले को लेकर चर्चा में आई विधानसभा अध्यक्ष रितु खंडूरी आज एक बार फिर से चर्चा में है।

रितु खंडूरी द्वारा गोविंद सिंह कुंजवाल कार्यकाल के 158 तदर्थ कर्मचारियों और प्रेमचंद अग्रवाल कार्यकाल के दौरान के 72 तदर्थ कर्मचारियों को बाहर का रास्ता दिखाने के बाद जिस प्रकार वह मीडिया की सुर्खियां बनी हुई है यह उत्तराखंड में पहली बार हुआ है

रितु खंडूरी के इस निर्णय की कई प्रकार व्याख्या हुई और अधिकांश लोगों का मानना रहा कि इसमें कमेटी द्वारा सभी बैक डोर भर्तियों को अवैध माना गया था ज्यादातर ने ऋतू खंडूरी के इन फैसलों की तारीफ की और फैसले क़ो सही बताया तो कइयों ने ये भी सवाल उठाया की जब भर्तियां सभी अवैध थी तो इसके बावजूद प्रकाश पंत यशपाल आर्य और हरबंस कपूर के कार्यकाल के दौरान की बैैकडोर भर्तियों के खिलाफ एक्शन क्यों नहीं लिया गया
